10 लाख का नवनिर्मित किसान सेवा केंद्र व पटवार भवन वीरान ,कार्मिकों का इंतजार ,पटवारी लापता

Bhilwara news । सरकार ग्रामीण क्षेत्र की आम जनता के लिए सरकारी सुविधा मुहैया कराने के लिए लाखों रुपए खर्च करके मैंने भवन बनाती है लेकिन यह नए भवन बनने के बाद वीरान पड़े रहते हैं और धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो जाते हैं लेकिन मैं तो कार्मिक आता है और ना अधिकारी इन नए भवनों में बैठते हैं ग्रामीण जनता परेशान होती रहती है ऐसा ही एक ज्वलंत उदाहरण भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा उपखंड में देखने को मिला है जहां उपखंड की ग्राम पंचायत बेरा में पिछले 2 सालों से 1000000 रुपए की लागत से बनाया गया नवनिर्मित किसान सेवा केंद्र एवं पटवार भवन वीरान पड़ा है मैं तो इसमें कार्मिक है और नहीं अधिकारी बैठे हैं मानो एक सरकारी भवन भूतिया बंगला बनता जा रहा है । पटवारी के गांव में ठहराव नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं है ।

जिले की बनेड़ा उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेरा मैं पिछले 2 सालों से पटवारी का हेड क्वार्टर पर ठहराव नहीं होने से जनता परेशान होकर अब फोन पर पटवारी से संपर्क साधने में लगी हुई है।लोगों ने बताया कि कई सालों से पटवार भवन की बिल्डिंग जर्जर अवस्था में होने के कारण पटवारी को बालेसरिया पर ठहरने की व्यवस्था पूर्व तहसीलदार भंवर सिंह ने किसान सह विलेज नालेज सेन्टर पर की थी। 10 लाख रुपए लागत से नव निर्मित बिल्डिंग किसान सह विलेज नालेज सेवा केंद्र पटवारी हल्का बेरा को मिल जाने के बाद भी पटवारी का नहीं मिलना लोगों की परेशानी का सबब बन रहा ।लोगों को काम होंने पर पटवारी के मोबाइल पर संपर्क करना पड़ता हैं। फोन पर पटवारी कभी बनेडा कभी रायला होना बताते हैं । आवश्यक कार्य करवाने के लिये इन्तजार करना पड़ता या फिर अति आवश्यक काम के लिये लोगों को पटवार सर्कल से दूर उप तहसील रायला या फिर बनेडा ही जाना पड़ता है। पटवार घर के रूप में पटवारी को दिये गये 10 लाख रुपए की लागत के भवन दुर्दशा का शिकार हो रहा है भवन के चारों तरफ गाजर घास एवं अंग्रेजी बबूल की झाड़ियां उग आई है।


पूर्व सरपंच मोहनलाल गुर्जर ने बताया कि लगभग 10 लाख की लागत से नव निर्मित बिल्डिंग, पटवार भवन के लिये पूरी तरह से कंप्लीट कर के सौंपा था लेकिन अभी तक यहां पटवारी का नहीं बैठना तथा पटवारी किराये पर रहना दुर्भाग्य की बात है।और इससे भी बढ़ कर क्या हो सकता है जिस काम के लिए सरकार ने पैसा खर्च किया और वो नव निर्मित भवन लावारिश हो गया सरकार के लगाए हुए पैसो का सदुपयोग नही हो रहा । लेकिन इस और कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे आम जन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है मोहन लाल ने मांग की कि सरकार को एसे कर्मचारियों अधिकारीयों के खिलाफ आवश्यक नियमानुसार कार्यवाही करनी चाहिए ।

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