आपदा के नाम पर वेतन कटौती बर्दाश्त नहीं, महासंघ से सम्बद्ध सभी संगठन आर-पार के मूड मे

Bhilwara news । राजस्थान सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में राज्य कर्मियों के वेतन से प्रतिमाह एक दिवस का वेतन काटने का निर्णय लिया है जिसकी अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तत्काल वापस लेने की मांग करता है , साथ ही राज्य सरकार के इस निर्णय को एकतरफा तानाशाही पूर्ण व कर्मचारी विरोधी निर्णय करार दिया है , कर्मचारी महासंघ भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार को राज्य कर्मियों की आर्थिक स्थिति पर तरस खाना चाहिए , राजनेताओं व नौकरशाहों पर खर्च किये जा रहे बेतहाशा खर्चो में कटौती कर राज्य की जनता को राहत पहुंचाना चाहिए राज्य कर्मचारियों ने पूर्व में ही अपनी क्षमता से अधिक राशि राज्य हित मे मुख्यमंत्री सहायता कोष में दान की है , राज्य सरकार कर्मचारियों की कमर तोड़ने में लगी हुई है , सरकार ने राज्य कर्मियों को आम जनता नहीं समझ कर शोषित वर्ग समझ लिया है व बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार कर रही है , राज्य कर्मियों में सरकार द्वारा की जा रही वसूली के खिलाफ रोष व्याप्त है , कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री शिव सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों को दो वर्गों में विभाजित करने की कोशिश की जा रही है , उल्लेखनीय है कि अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा दिनांक 20 अगस्त 2020 को मुख्य सचिव व अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त द्वारा आयोजित बैठक के दौरान ही उक्त कटौती का विरोध दर्ज करवा दिया था तथा आज भी अपने अभिमत के साथ अडिग है , उन्होंने राज्य सरकार से राज्य कर्मचारियों के वेतन से अब तक वसूल की गई राशि का आय व्यव ब्यौरा सार्वजनिक करने की भी मांग की , वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगवत सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के असंतोष का सामना करने के लिए तैयार रहै , इतिहास गवाह है कि जब जब राज्य कर्मचारी सरकारी दमन के खिलाफ हुंकार भरता है तब तब सरकार को घुटने टेकने पड़े हैं , समय रहते सरकार अपने अनुचित निर्णय पर पुनर्विचार करें आगामी जयपुर में महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी एवम जिलाध्यक्षों की संयुक्त बैठक में इसके विरोध का निर्णय लिया जाएगा , राज्य कर्मचारियों के साथ की जा रही आर्थिक पाबंदी का असर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्विति पर भी प्रतिकूल पड़ेगा , अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति की आलोचना करता है वह महासंघ के सम्बद्ध सभी संगठन आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है !

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