बेवाण निकालने की स्वीकृति नहीं देने पर आज से भीलवाड़ा जिले का कोटडी कस्बा अनिश्चितकालीन के लिए बंद

Bhilwara news । भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी उपखंड मुख्यालय पर स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चारभुजा नाथ भगवान का वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार जलझूलनी एकादशी पर बेवाण निकालने की है इस बार कोरोना के चलते प्रशासन द्वारा स्वीकृति नहीं देने के विरोध में कोटडी चरित्र के लोगों ने आज से कोटड़ी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।

बेवाण निकालने की स्वीकृति नहीं देने पर आज से भीलवाड़ा जिले का कोटडी कस्बा अनिश्चितकालीन के लिए बंद 1


कोटडी कस्बे में इतने चारभुजा नाथ का प्रसिद्ध मंदिर है यह मंदिर भीलवाड़ा जिले सहित मेवाड़ में अपनी अहमियत रखता है जलझूलनी एकादशी पर हर साल मेवाड़ रियासत काल से ही भखवान का बेवाण निकालने की परंपरा चली आ रही है भगवान का बेवाण पूरे नगर में भ्रमण करने के बाद शाम को कोटडी में स्थित नदी पर पहुंचता है और उस नदी में भगवान को स्नान जल झूलन अर्थात झूला झुलाया जाने के बाद वापस मंदिर में स्थापित किया जाता है।

लेकिन इस साल कोरोना महामारी के चलते जिला प्रशासन द्वारा बेवाण निकालने की इजाजत नहीं दिए इसी को लेकर विरोध स्वरूप कोटडी क्षेत्र के ग्राम वासियों ने आज से कोटडी अनिश्चित कालीन बंद कर दिया है बंद को लेकर कल ही परंपरा के अनुसार चारभुजा नाथ मंदिर के बाहर स्थापित सूचना पट पर अनिश्चितकालीन बंद की सूचना लिख दी गई थी आज बंद को लेकर प्रशासन और पुलिस चाकचौबंद थी तो वहीं सवेरे से ही कस्बे के बाजार दुकाने बंद थी ।