558 साल बाद राखी पर अद्भूत संयोग क्या

Bhilwara News । आगामी 3 अगस्त को सावन माह की अंतिम तिथि पूर्णिमा है और इस दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा ।
इस बार सुबह 9:29 बजे तक भद्रा रहेगी। भद्रा के बाद ही बहनों को अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना चाहिए

अद्भूत संयोग

योतिष नगरी कारोई के ज्योतिष पं. गोपाल उपाध्याय पुत्र नानूराम ने दैनिक रिर्पोटर डाॅट काम को बातचीत मे बताया की इस बार रक्षाबंधन पर गुरु अपनी राशि धनु में और शनि मकर में वक्री रहेगा। इस दिन चंद्र ग्रह भी शनि के साथ मकर राशि में रहेगा। ऐसा योग 558 साल पहले सन 1462 में बना था। उस साल में 22 जुलाई को रक्षाबंधन मनाया गया था। इस बार रक्षाबंधन पर राहु मिथुन राशि में, केतु धनु राशि में है। 1462 में भी राहु-केतु की यही स्थिति थी।

रक्षा बंधन मुहूर्त

प्रातः 7,बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक राहु काल रहेगा व प्रातः 9 बजकर 28 मिनट तक भद्रा रहेगी इस समय को छोड़कर पुरे दिन उत्तम महूर्त इसके उपराँत पूरे दिन श्रवण नक्षत्र रहेगा जो रक्षा बंधन विधान के लिए श्रेष्ठ है जिसमे में भी सर्वश्रेस्ठ मुहूर्त है
प्रातः 9 बजकर 10 मिनट से 10, 30 शुभ
दिन में 1 बजकर 30 से 3 बजे तक दिन चंचल
दिन में 3 बजे से सांय सूर्यास्त तक लाभ व अमृत
रहेगा ये समय बहने भाईयों के राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ समय होगा ।।

राखी क्यो मनाई जाती है

किदवंतीषके अनुसार प्राचीन समय में देवताओं और असुरों के बीच युद्ध हो रहा था। इस युद्ध में देवताओं को पराजित होना पड़ा। असुरों ने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। देवराज इंद्र और सभी देवता इस समस्या को दूर करने के लिए देवगुरु बृहस्पति के पास पहुंचे। इंद्र ने देवगुरु से कहा कि मैं स्वर्ग छोड़कर नहीं जा सकता, असुरों ने हमें पराजित कर दिया, हमें फिर से युद्ध करना होगा। इंद्र की ये बातें इंद्राणी ने भी सुनी, तब उसने कहा कि कल सावन माह की पूर्णिमा है। मैं आपके लिए विधि-विधान से रक्षासूत्र तैयार करूंगी, उसे बांधकर आप युद्ध के लिए प्रस्थान करना, आपकी जीत अवश्य होगी। अगले दिन देवराज इंद्र रक्षासूत्र बांधकर असुरों से युद्ध करने गए और उन्होंने असुरों को पराजित कर दिया। तब से ही ये पर्व मनाया जाने लगा।

शास्त्रों के अनुसार माँ लक्ष्मी जी ने राजा बली के लिए यह रक्षा सूत्र बाधा। ओर भगवान विष्णु जी राजा बली के द्वारपाल से मुक्त होकर के बापिस बैकुंठ आये।
ब्राह्मण अपने यजमानो के लिए यह रक्षा सूत्र धारण धारण कराते है।
बहिन अपने भाई के लिए रक्षा सूत्र बांधती है।

अपील

हमारा सबसे आग्रह है की इस कोरोना महामारी को ध्यान मे रखते राखी का त्यौहार घर पर ही रहकर मनाए ।टेक्नोलाॅजी के युग मे तकनीकी का उपयोग करे और बहन-, भाई वीडियों कांलिग पर ऑनलाइन आकर एक-दूसरे का स्नेह जात दे और घर पर रहकर बच्चो से ही राखी बंधवा ले ।