भरतपुर मे अवैध शराब का कारोबार चरम पर, आबकारी महकमा विफल,जहरीली शराब से 2 मौत 6 गम्भीर बीमार

जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने आरबीएम होस्पिटल पहुंचकर बीमारों की जानकारी ली

Bharatpur News/राजेन्द्र शर्मा जती। अवैध शराब का कारोबार जिले में खूब फल फूल रहा है। अवैध शराब रोकने के लिए आबकारी विभाग के पास लंबा लबाजमा होने के बाद भी इस पर अंकुश नही लग सका है। वहीं भरतपुर शहर एवं जिले के अनेक स्थानों पर कच्ची शराब बनाने के कारोबार पर भी आबकारी विभाग कार्यवाही नहीं कर पा रहा है।

आबकारी विभाग की लापरवाही के चलते जिले में कच्ची हथकढ शराब व जहरीली शराब के सेवन से दो जनों की मौत हो गयी। इस शराब दुखांतिका में  आठ लोग घायल हो गये जिनकी आंखो की रोशनी पर असर पर पडा है। जिनमे से छः जनों को भरतपुर आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर जिला कलक्टर नथमल डिडेल आरबीएम अस्पताल में इन मरीजों को देखने पंहुचे है।

जिले के कई क्षेत्रों में धढल्लै से अवैध एवं हथकड शराब खुलेआम बिकती देखी जा सकती है। जिन पर लगाम लगाने में आबकारी विभाग नाकाम रहा है। जबकि समय समय पर अवैध शराब के कारण कई घटनाएं लोगों के दुखों का कारण बनी है।

ताजा मामले में रूपवास थाना क्षेत्र के चक सामरी गांव में बीती रात अवैध शराब पीने से दो लोगांे की मौत हो गई। वहीं 6 लोग गंभीर रूप से बीमार पड गए। जिन्है इलाज के लिए जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं सूचना मिलने पर जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने जिला आरबीएम अस्पताल पंहुच कर शराब पीने से गंभीर हालत में भर्ती कराए गए मरीजों से मिले। जिला कलक्टर ने उनसे बात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।

चिकित्सकों से भी उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
इसकी सूचना मिलते ही जिला कलक्टर नथमल डिडेल आरबीएम  चिकित्सालय पहुंचे और गंभीर रोगियों को दिए जा रहे उपचार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपचार कर रहे चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये कि गम्भीर
रोगियों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराये। इसके साथ ही उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिये कि क्षेत्र में अवैध शराब विक्रय करने वालों के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करें।

विभाग को भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान किए। वहीं बताया जा रहा है कि प्रशिक्षु आईपीएस सुमित महरडा ने इस घटना को लेकर की कार्यवाही में गांव से करीब 12 कार्टन हथकड शराब जब्त की है। वहीं अभी भी समूचे जिले में वृहद स्तर पर अवैध शराब पर कार्यवाही करने की
जरूरत है। तभी इस प्रकार की दुखान्तिका जैसी घटनाओं पर रोक लग सकती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चकसामरी गांव में बीती रात करीब एक दर्जन लोगों ने हथकड़ शराब पी थी। सुबह होते-होते उनकी हालत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त के साथ उनका सिर चकराने लगा। इस पर उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया।
जहां दो लोगों की मौत हो गई। वहीं कुछ लोगों को दिखाई देना बन्द हो गया।

जिस पर उन्है प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भरतपुर के जिला आरबीएम अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। ऐसा बताया गया है कि इस थाना क्षेत्र के कई गांवों में उत्तरप्रदेश से भारी मात्रा में अवैध हथकड़ शराब यहां लाई जाती है। वहीं शराब को बेचने के आरोपी जिसका नाम संतोष बताया जा रहा
है। की भी हालत खराब होने पर उसका इलाज भी जिला आरबीएम अस्पताल में चल रहा है। जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने आरबीएम अस्पताल में पहुंचकर घायलों को
जानकारी ली।

जिला कलक्टर ने कहा कि इस घटना में दो लोगों की मौत हुई है  जिनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि इनकी मौत के क्या कारण रहे। उन्होने बताया कि इस घटना में गंभीर बीमार हुए पांच लोग जिला अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि इस घटना को लेकर जांच कराई जा रही है। फिलहाल पुलिस मृतको के पोस्टमार्टम की कार्यवाही में जुटी हुई है। इस शराब दुखांतिका के बाद गाव तथा आसपास के क्षेत्र में मातम के साथ अफरातफरी का आलम बताया
गया है।