फ्रंट कोरिडोर शुरू 100 किमी रफ्तार से दौडी डबल डेकर ट्रेन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से गुरुवार को इलेक्ट्रिक रूट पर डबल स्टैक डेढ़ किलोमीटर लम्बी कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई

Ajmer News । अजमेर  जिले के न्यू किशनगढ़ स्टेशन से हरियाणा के काठूवास तक गुरुवार को डीएफसी के रेलवे ट्रैक पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डबल डेकर ट्रेन दौड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से गुरुवार को इलेक्ट्रिक रूट पर डबल स्टैक डेढ़ किलोमीटर लम्बी कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

इस दौरान वर्चुअल समारोह में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी जुड़े। किशनगढ़ में हुए लाइव प्रसारण में अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी, अजमेर के विधायक वासुदेव देवनानी, अनिता भदेल, पुष्कर विधायक सुरेश रावत, ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत, किशनगढ़ विधायक सुरेश टांक भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फ्रेट कॉरिडोर के उद्घाटन पर सभी को बधाई दी। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री पीयूष गोयल से मांग की है कि जो कार्य रेलवे के कुछ स्टेशनों की राजस्थान में शुरू होकर बंद हो गए, उन्हें दोबारा से रेलवे के माध्यम से शुरू करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि जैसलमेर-बाड़मेर सीमावर्ती इलाके हैं, उन्हें गुजरात से जोडऩे के लिए रेलवे प्रशासन के जरिए कार्य किए जाने चाहिए और अतिरिक्त ट्रेन भी चलानी चाहिए। क्योंकि यह सीमावर्ती इलाके हैं और यहां से आमजन ज्यादा से ज्यादा आते-जाते हैं।

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि नए साल का यह पहला सप्ताह हरियाणा ही नहीं पूरे देश के लिए सफलतापूर्वक है। रेलवे के ड्रीम प्रोजेक्ट का शुभारंभ प्रधानमंत्री के कर कमलों से पूरा किया जा रहा है। खट्टर ने कहा कि इससे पहले भी साल 2020 के अंतिम सप्ताह के अंतर्गत भी ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया था और आज वेस्टर्न कॉरिडोर का उद्घाटन किया जा रहा है। खट्टर ने कहा कि यह 1 हजार 504 किलोमीटर लंबा है, जिनमें से जयपुर की दूरी 177 किलोमीटर हरियाणा से होकर गुजरता है। खट्टर ने कहा कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में रेलवे के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

 

कार्यक्रम में न्यू किशनगढ़ और काठूवास के न्यू अटेली तक करीब 306 किलोमीटर का डीएफसी का ट्रैक है। इस ट्रेन पर इलेक्ट्रिक इंजन लगाया गया है, ताकि 100 किलोमीटर की रफ्तार से इस डेढ़ किलोमीटर डबल डेकर ट्रेन को तेजी से खींच सके। न्यू किशनगढ़ स्टेशन और न्यू अटेली के बीच चलने वाली यह मालगाड़ी मदार, फुलेरा, श्रीमाधोपुर और नारनोल होते हुए संचालित हो रही है। आगामी कुछ महीनों में पालनपुर और कांडला तक ट्रैक का काम पूरा हो जाएगा और कांडला बंदरगाह तक संचालन हो जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 दिसंबर 2020 को ईडीएफसी के 351 किलोमीटर लंबे खंड का लोकार्पण भी किया था।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस रूट पर आज एक ट्रेन अजमेर से न्यू किशनगढ़ और एक ट्रेन अलवर के पास काठूवास से चलाई गई है। कॉरिडोर में संचालित होने वाली गुड्स ऑटो सिगनलिंग सिस्टम पर नॉन स्टॉप संचालित होंगी, वहीं अब रूट शुरू होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद से दिल्ली आने वाली गुड्स ट्रेन अजमेर के बाद फ्रेट कॉरिडोर से ही संचालित की जाएंगी। रोजाना करीब 20 ट्रेनों का संचालन इसी कॉरिडोर से किया जाएगा। फ्रेट कॉरिडोर से भारतीय रेलवे पटरियों पर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की मौजूदा अधिकतम गति के मुकाबले 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से मालगाड़ी चल सकेंगी। ऐसे में जिन मालगाडिय़ों को स्टेशनों पर जाते-आते वक्त क्रॉसिंग के समय काफी वक्त लगता था। वह वक्त अब खत्म हो जाएगा और समय के साथ रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

 

इससे सांभर में नमक उद्योग, किशनगढ़ में मार्बल उद्योग और सीकर के श्रीमाधोपुर में पत्थर उद्योग को लाभ मिलेगा। स्टेशन के आस-पास के परिवहन को इस कॉरिडोर से लाभ होगा। पत्थर का स्टॉक, फेल्सपार पाउडर का टाइल्स निर्माण में उपयोग होता है। अभी राज्य का 227 किलोमीटर शामिल होगा और दूसरे चरण में अजमेर से पालनपुर को जोड़ा जाएगा। अभी जहां मार्बल और सीमेंट उद्योग शामिल हैं।