मुख्यमंत्री के आदेशों की उड़ी धज्जियां, 50 से अधिक प्रसुताएँ भूखे पेट सोने पर मजबूर

Tonk / फ़िरोज़ उस्मानी। कोरोना महामारी के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा नही रहे, मुख्यमंत्री ने इसके लिए ज़िला प्रशासन को व्यवस्था के निर्देश दिए हुए है, लेकिन आदेशो की धज्जियां उड़ती दिखाई दी टोंक के मातृ एव शिशु स्वास्थ्य केंद्र (जनाना) हॉस्पिटल में जहां 50 से अधिक प्रसुताएँ आज रात भर भूख से तड़पती रहेंगी।

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा देखने को मिला है। अस्पताल प्रशासन द्वारा यहाँ भर्ती मरीजों को भोजन व्यवस्था बंद करने की पूर्व में सूचना नही दी गई। जिसके चलते यहाँ भर्ती ज़िले भर की प्रसुताएँ व परिजन अपने रात के भोजन की व्यवस्था नही कर पाए है। 6 बजे बाद कर्फ्यू लागू हो जाने से सभी प्रतिष्ठान बंद हो चुके है। जिसके चलते 50 से अधिक प्रसुताएँ व परिजन आज की रात भूखे ही सोने पर मजबूर है।

कोरोना महामारी के दौरान पिछले डेढ़ माह से टोंक के जनाना हॉस्पिटल में भर्ती प्रसूताओं के लिए जिला प्रशासन द्वारा रात के भोजन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन कर्फ्यू हटने के बाद भोजन देने की व्यवस्था बंद कर दी गई।

जिसकी सूचना अस्पताल प्रशासन द्वारा भर्ती मरीजों को नही दी गई। जिसके चलते रात भर यहाँ भर्ती 50 से अधिक प्रसुताएँ बिना भोजन के भूख से तड़पती रही। इनकी सुध लेने वाला कोई नही है। जब हमने वहाँ के हालातों का जायज़ा लिया। वहाँ भर्ती प्रसूताओं व परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने रात के भोजन व्यवस्था को बंद करने की सूचना उनको नही दी।

जिसके चलते वो लोग रात के भौजन का इंतज़ाम नही कर पाए। क्योंकि साम 6 बजे बाद टोंक में कर्फ्यू लागू हो जाता है। इसके चलते सभी दुकाने भी बंद हो जाती है। रात के 10 बजे तक वो लोग भोजन की प्रतीक्षा करते रहे। जब उनको इस बात की खबर लगी कि अब प्रशासन द्वारा भोजन व्यवस्था बंद कर दी है, तो उनके सामने देर रात में भोजन जुटाने की समस्या खड़ी हो गई।जिसके चलते 50 से अधिक प्रसूताओं को भूखे रहकर ही रात गुज़ारनी पड़ी। काफी लंबे समय से सुबह के भोजन की व्यवस्था टोंक सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया द्वारा की जाती रही है।