कोरोना का कहर-मॉरिशस में फंसे 300 भारतीय छात्र, 1 उदयपुर का भी छात्र मदद की गुहार, अभी तक कोई सहयोग नहीं

Udaipur News चेतन ठठेरा ।  पूरी दुनिया के197 देशो मे कोरोना वायरस(COVID-19) ने कहर बरपा रखा है और चारो और इसको लेकर हा-हाकार, भर का वातावरण बना हुआ । भारत और राजस्थान के कुछ छात्र-छात्राएं विदेश मे पढाई कर रहे है अब वह वहां कोरोना से वचाव के साधन नही मिलने तथा अपने देश और प्रदेश लौटना चाहते इसके लिए वह भारतीय दूतावास से भी गुहार लगा रहे है लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नही है इससे वह भयभीत हो रहे है।

उदयपुर निवासी संजीव जैन ने दैनिक रिर्पोटर डाॅट काम को बातचीत मे बताया की उनका पुत्र कविश जैन होटल मेजेमेंट मे कोर्स कर रहा था और मॉरिशस में इंटर्नशिप के लिए गए थे । गुजरात सहित देश भर से करीब 300 भारतीय स्टूडेंट्स के साथ मॉरिशस में फंस गए है। संजीव ने बताया की उनकी इंटरनशिप 31 मार्च को समाप्त होनी थी इसलिए भारत की एयर इंडिया की फ्लाइट की वेपसी की टिकट बना रखी थी परंतु कोरोना वायरस महामारी को लेकर मादिशस सरकार ने लाॅकडाउन कर दिया तो 22 मार्च की टिकट करवा दी लेकिन फिर मारिशस सरकार ने घोषणा की भारत की अंथिम फ्लाइट 21 मार्च की होगी तब उन्होने 21 मार्च की एयर इंडिया की फ्लाइट की कन्फर्म की कविश की वापसी की टिकेट थी

परन्तु एन वक़्त पर Air Mauritius और Air India के बीच पैसेंजर को लेकर उत्पन्न गड़बड़ी के चलते एयर मारिशस ने एयर इंडिया के कन्फर्म टिकट होने के बाद भी उन्हें और उनके साथ कई इंडियन स्टूडेंट्स को बोर्डिंग नहीं करने दी और वह भारत के लिए आखिरी उड़ान थी । इससे कविश सहित सभी 300 छात्र मारिशस एयरपोर्ट पर ही फंस गए उनके पास न खाद्य सामग्री है न पैसा है और जहां वह रहते थे वहा मकान भी खाली कर दिया वह वापस उस मकान मालिक के पास गए और अपनी व्यथा बताई थो उसने वापस किराए पर मकान देने मना कर दिया ऐसे मे इन छात्रो की स्थिति खराब है की वह कहां जाए । काविश ने बताया कि वे और उनके साथ भारतीय प्रशासन से मदद की गुहार कर रहे है पर अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया है।

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