सब्जी से भी सस्ता हुआ चिकन

Jaipur News । कोरोना वायरस (COVID-19) का असर चिकन विक्रेताओं पर दिखने लगा है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में 180 रुपए प्रति किलो बिकने वाले चिकन के दाम अब जमीन पर आ गए हैं और ग्राहकों को 50 रुपए किलो मिल रहा है। थोक में तो यह चिकन 25 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक आ गया है। कोरोना के डर से चिकन की बिक्री खत्म सी हो गई है।


मांस कारोबारियों का कहना है कि इन दामों पर भी चिकन को कोई खरीदने वाला नहीं है। ऐसे में उनकी दुकान पर काम करने वालों की तनख्वाह भी नहीं निकल रही है। चिकन के साथ ही अंडे के भी होलसेल रेट में भी कमी आई है।  बता दें कि कोरोना वायरस की उत्पत्ती मांस से होने के कारण अब लोग इससे परहेज कर रहे हैं। इसके कारण दिल्ली में इसकी मंडी को ही बंद कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर पैदा हुई दहशत ने मुर्गा और अंडा बाजार को ठप कर दिया।


इधर, एक ओर जहां  चिकन के दाम जमीन पर आ गए वहीं मटन के भाव बढते जा रहे हैं। जयपुर में अब 450-500 रुपए किलो बिकने वाला मटन अब 600 रुपए किलो पहुंच गया है। हालांकि उसकी भी बिक्री नहीं हो पा रही है। इसके अलावा अब पोल्ट्री उद्योग से जुडे लोगों ने चिकन का उत्पादन बंद कर दिया है। इससे आशंका जताई जा रही है कि कोरोना का असर समाप्त होने के बाद मीट की दरे दुगुनी हो जाएंगी। 


भारत में फैले कोरोना वायरस को लेकर अफवाहों का बाजार भी गर्म हो रहा है। इस कड़ी में जहां कई लोगों ने मांसाहार छोड़ दिया है, वहीं देश के कई हिस्सो में हालात ऐसे हो गए हैं कि पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को अब मुफ्त में मुर्गा बांटना पड़ रहा है। बिहार के अरवल जिले में तो एक पोल्ट्री फॉर्म मालिक ने 5000 से अधिक मुर्गों को मुफ्त बांट दिया। 


इनका कहना है
– कोरोना के कारण मीट व्यवसाय ठप हो गया है, इसकी बिक्री में तेजी से गिरावट हुई है वहीं चिकन 50 रुपए प्रतिकिलो के भाव तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों यह मार्केट उठते ही मीट महंगा होने की संभावना है।
असरार अहमद कुरैशी, चिकन सप्लायर, एमडी रोड जयपुर।

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