बसंतीय नवरात्रा घट स्थापना योग


Tonk news । बसन्तीय नवरात्रा का प्रारंभ एवं घट स्थापना देवी का आह्वान के लिए देवी पुराण व तिथि तत्व में चैत्र शुक्ला प्रतिपदा उदय व्यापिनी द्विस्वभाव लग्न में प्रात: काल का समय एवं अभिजित मुहुर्त को श्रैष्ठ बताया गया है।

इस वर्ष 25 मार्च बुधवार को सूर्योदय प्रात 6.40 बजे होगा एवं द्विस्वभाव मीन लग्न परात 7.32 बजे तक है चन्द्रमा रेवती नक्षत्र में स्वामी एवं वार स्वामी बुध मीन राशि स्वामी बृहस्पति विचरण करेंगे! अत बसंत नवरात्रा का प्रारम्भ एवं घट स्थापना परात 6.40 बजे से 7.32 बजे तक द्विस्वभाव मीन लग्न लाभ के चोघडिया में किया जाना अति श्रैष्ठ है!

चोघडिया अनुसार सूर्योदय से 9.31 बजे तक लाभ व अमृत का दिन में 11.02 बजे से 12.32 बजुर्ग तक शुभ का चोघडिया श्रैष्ठ है!


मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि 25 मार्च बुधवार को बसन्त नवरात्रा का प्रारम्भ एवं घट स्थापना परात 6.40 बजे से 7.32 बजे तक द्विस्वभाव लग्न लाभ के चोघडिया में किया जाना अति श्रैष्ठ है दिनांक 1 अप्रैल बुधवार को अष्टमी तिथि सूर्योदय से अर्द्ध रात्रि बाद 3.40 बजे तक है जिस में दुर्गा अष्टमी पूजन शास्त्र सम्मत है!


शास्त्रों में चेत्र शुक्ला नवमी मध्यान्ह व्यापिनी को भगवान श्री राम का जन्म पुनर्वसु नक्षत्र में माना जाता है, अतः दो अप्रैल गुरुवार को नवमी तिथि सूर्योदय से अर्द्ध रात्रि बाद 2.42 बजे तक है पुनर्वसु नक्षत्र सूर्योदय से रात्रि 7.27 बजे तक है । अतः इसी दिन रामनवमी पर्व मनाया जायेगा एवं अस्त्र शस्त्र की पुजा होगी ।


बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि स्वार्थ सिद्धि योग 26 मार्च गुरुवार से 27 मार्च शुक्रवार सुबह 10.08 बजे तक, 30 मार्च सोमवार सूर्योदय से 31 मार्च मगलवार सूर्योदय तक, 2 अप्रैल गुरुवार सूर्योदय से 3 अप्रैल शुक्रवार सूर्योदय तक है!

रवि योग 27 मार्च शुक्रवार सुबह 10.08 बजे से 28 मार्च शनिवार दिन में 12.51 बजे तक, 29 मार्च रविवार दोपहर 3.16 बजे से 30 मार्च सोमवार सायं 5.17 बजे तक, 31 मार्च मंगलवार परात 6.56 बजे से सायंकाल 6.43 बजे तक, 2 अप्रैल गुरुवार रात्रि 7.27 बजे से 4 अप्रैल परात 7.07 बजे तक है, जिसमें शिक्षा साधना सिद्धि एवं नवीन कार्यो के लिए विशेष महत्व एवं सर्व श्रैष्ठ योग है!