तीन करोड़ की नशीली दवाइयां पकड़ी,चार गिरफ्तार

Jaipur News । जयपुर ग्रामीण पुलिस और औषधि नियंत्रण संगठन विभाग की संयुक्त टीमों ने गुरुवार को छापेमार कार्रवाई कर धड़ल्ले से चल रहे नशीली दवाइयों के कारोबार का भंडाफोड़ किया है।

‘ऑपरेशन हाईवे के तहत हुई 42वीं बड़ी कार्रवाई के दौरान शाहपुरा, सरुंड और कोटपूतली थाना क्षेत्र में 187416 टेबलेट और कैप्सूल, 183 सिरप तथा 10 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस ने तीनों थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर इस अवैध कारोबार में लिप्त चार जनों को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई खेप का बाजार मूल्य 3 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।


जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एस.संगाथिर और जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शंकरदत्त शर्मा ने बताया कि पुलिस को शाहपुरा क्षेत्र के गांव भाबरु के आसपास नशीली दवाइयां बेचे जाने की सूचना मिली। मामले में औषधि नियंत्रण संगठन विभाग से मिलकर टीम गठित की गई।

टीम ने भाबरु स्थित रामेश्वर मेडिकोज पर दबिश दी तो वहां भारी मात्रा में अवैध नशीली दवाइयों का जखीरा मिला। पुलिस ने आरोपियों को दबोच कर पूछताछ की तो कोटपूतली और उसके आसपास भी अवैध नशीली दवाइयों के कारोबार होने के सुराग मिले। इस पर टीम ने कोटपूतली के बजरंग लाल महाजन और थाना सरुण्ड क्षेत्र स्थित गांव रघुनाथपुरा में श्याम मेडिकल स्टोर पर दबिश दी तो टीम भौचक्की रह गई। यहां दोनों स्थानों पर भी भारी मात्रा में अवैध दवाइयों का जखीरा मिला।

इसी तरह आंतेला में दीपक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाइयों की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने बनवारी पुत्र रामेश्वर,उसके बेटे विनोद निवासी भाबरु थाना शाहपुरा, बजरंगलाल और हंसराज पुत्र हजारी लाल निवासी वार्ड संख्या 17 बागवान कॉलोनी कोटपूतली को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।


पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में 187416 टेबलेट और कैप्सूल, 183 सिरप तथा 10 नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। जिनमें 14148 सिम्पलेक्स सी प्लस (ट्रेमाडोल हाईड्रोक्लोराइड) कैप्सूल, 3900 ट्रैवोन-50 (ट्रेमाडोल हाईड्रोक्लोराइड) कैप्सूल, 10400 प्रोजोलेम-0.5 (अल्प्राजोलेम) टेबलेट, 3036 टोरमानिल एक्सट्रा (ट्रेमाडोल हाईड्रोक्लोराइड) टेबलेट, 300 ट्रोमानिलसेमी (ट्रेमाडोल हाईड्रोक्लोराइड) टेबलेट, 70672 स्पासमो प्रोक्सीवोन (डिसीक्लामाई हाईड्रोक्लोराइड) कैप्सूल, 84000 लोमोटिल (डिफेनोक्सीलेट हाईड्रोक्लोराइड) टेबलेट, 960 डिफेनोक्सीलेट हाईड्रोक्लोराइड टेबलेट, 183 महारेक्स (कोडाइन फोस्फेट) सिरप तथा 10 कोंट्रामॉल-100 (ट्रेमाडोल हाईड्रोक्लोराइड) इंजेक्शन शामिल हैं। 


10 वर्षों से चल रहा था कारोबार
सामने आया कि मेडिकल स्टोर की आड़ में कारोबारियों की ओर से पिछले करीब 10 वर्षों से इस तरह की नशीली दवाइयों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक ड्राइवरों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, मजदूरों को बेचा जा रहा था। कारोबार में अब तक लाखों-करोड़ों का व्यापार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि इन नशीली दवाइयों की केवल मात्र एक गोली के सेवन से एक सामान्य प्रौढ़ व्यक्ति कम से कम 12 घंटे तक नशे की हालत में मदहोश रहता है।

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