भाविप विवाह सम्मेलन में 17 जोड़े बने हमसफर, शोभायात्रा में उद्योगपति व समाजसेवी बने बाराती

Bhilwara news ( मूलचन्द पेसवानी ) – भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रान्त चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से गुरुवार को भीलवाड़ा के राजेन्द्र मार्ग विद्यालय में आयोजित सरल सामूहिक विवाह सम्मेलन में 17 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इससे पूर्व सोनियों की धर्मशाला से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शहर के कई उद्योगपति, समाजसेवी व अन्य लोग आकर्षक वेशभूषा में बाराती के रूप में शामिल हुए।

प्रान्तीय अध्यक्ष कैलाश अजमेरा ने बताया कि गुरुवार सुबह गणपति स्थापना से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। 7 पदाधिकारियों ने गणेश जी की पूजाअर्चना की। इसके बाद शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें आगे बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण करे हुए चल रही थी। उनके पीछे घोड़ों पर दूल्हे सवार थे। दुल्हनें बग्गियों में सवार थी। भारत विकास परिषद के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता शवेत वस्त्र व पगड़ी पहने हुए थे।

महिलाएं लाल चुनर व सिर पर गुलाबी पगड़ी पहन कर आगे बढ़ रही थी। भारत माता की सजी हुई झांकी भी आकर्षण का केन्द्र थी। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सम्मेलन स्थल पहुंच सम्पन्न हुई।

इसके बाद आशीर्वाद समारोह हुआ जिसमें महामण्डलेश्वर हंसारामजी महाराज उदासीन, परिषद के रीजनल चेयरमेन शांतिलाल पानगडिया, रीजनल मंत्री डीडी शर्मा पाली, प्रान्तीय अध्यक्ष कैलाश अजमेरा, प्रान्तीय सचिव संदीप बाल्दी, सम्मेलन सहसंयोजक ओमप्रकाश जागेटिया, आजाद शाखा अध्यक्ष अमित सोनी, प्रताप शाखा अध्यक्ष दलपत सिंह राठौड़, सुभाष शाखा अध्यक्ष दिनेश शारदा, शिवाजी शाखा अध्यक्ष सुमित जागेटिया, विवेकानन्द शाखा अध्यक्ष बलवन्त राय लढ़ा व आयोजन के प्रचार-प्रसार व मीडिया प्रभारी गोविन्द प्रसाद सोडाणी ने सभी वर-वधुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।

इसके बाद पाणिग्रहण संस्कार हुआ। जिसमें पूर, सांगानेर व शहर सहित रतलाम, सीकर, नागौर, नीमच, गंगापुर, मणासा, अजमेर, आसीन्द, शाहपुरा, फुलेरा सहित अन्य स्थानों के जोड़ों ने यज्ञ कुण्ड के चहुंओर 7 फेरे लेकर 7 जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाने की कस्में खाई।

सम्मेलन में एक दुल्हन दिल्ली की भी शामिल थी। फेरों के बाद विदाई समारोह शुरू हुआ। परिषद के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने सभी जोड़ों को उपहार में आवश्यक घरेलु वस्तुएं देकर विदाई दी। जोड़ों को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में 15 हजार रुपए के चैक भेंट किए जाएंगे। नगर परिषद की ओर से सभी को हाथों हाथ विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।