पायलट ने जताई नाराजगी,कांग्रेस की बैठक में बसपा विधायकों के विलय से उठापटक

मंत्री अशोक चांदना ने बैठक में कहा कि राजनीतिक नियुक्तियां किश्तों की बजाय जल्द और एक साथ होनी चाहिए। महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रेहान रियाज ने कहा कि टिकट वितरण की तरह ही राजनीतिक नियुक्तियां हुई तो कुछ नहीं होगा। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष रावत ने भी जल्द राजनीतिक नियुक्तियां करने की वकालत करते हुए कहा कि राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होने से गलत संदेश जाएगा

Jaipur News : बसपा (BSP)के छह विधायक भले ही कांग्रेस में शामिल हो गए हो,लेकिन कांग्रेस संगठन (Congress Sagthan)में अंदरखाने खासी नाराजगी दिखाई दे रही है। प्रदेश कांग्रेस (Pardesh Congress) कार्यालय में गुरुवार को आयोजित मंत्रिमंडल के सदस्य, पीसीसी (PCC ) पदाधिकारी और अग्रिम संगठनों के प्रदेशाध्यक्षों की बैठक में बसपा विधायकों(BSP MLAs) को मंत्री नहीं बनाए जाने का मुद्दा उठा।

उसके बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम सचिन पायलट (State president Sachin pilot) ने यह कहते हुए बसपा विधायकों की मंशा पर पानी फेर दिया कि ये लोग बिना लोभ-लालच के ही पार्टी में आए है।

प्रदेशाध्यक्ष पायलट ने  बसपा विधायकों को लेकर नाराजगी के सवाल पर कहा कि मेरे मन में क्या चल रहा है उसे मत देखिए?  उन्होंने कहा कि बसपा के विधायक बिना शर्त के नि:स्वार्थ भाव से कांग्रेस पार्टी में सरकार के काम को देखते हुए और अपने क्षेत्र की जनता के विकास के लिए पार्टी में शामिल हुए हैं।

ये बिना लोभ-लालच के हुआ है, जो त्याग की एक मिशाल है। ये पहले कांग्रेस सरकार को बाहर से समर्थन कर रहे थे,अब अंदर आकर करेंगे। अब कोई भी बसपा के विधायकों को इस तरह के आइडिया नहीं दे कि उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि बैठक में मंत्री और संगठन प्रभारी के जिलों के दौरे पर जाना तथा कांग्रेस की ऑनलाइन मेम्बरशिप (Online membership)शुरू करने के फैसले किए गए।  पार्टी अब परम्परागत माध्यम के साथ ऑनलाइन मेम्बरशिप का काम करेगी। मिस्ड कॉल से मेम्बर नहीं करेंगे।

एआईसीसी महासचिव(AICC General Secretary ) और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि बसपा के विधायकों को शामिल होने का निर्णय सामूहिक तौर पर किया गया है और ऐसे निर्णय सबसे पूछ कर ही लिए जाते हैं। साथ ही उन्होंने मंत्रिमण्डल पुनर्गठन के सवाल पर कहा कि ये काम भी किया जाएगा।

कांग्रेस के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह रावत ने बैठक में कहा कि बसपा के जिन विधायकों को पार्टी में शामिल किया गया है, उनको मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी जानी चाहिए। जिस तरह से पार्टी ने यह नियम बनाया है कि पहली बार चुनकर आए कांग्रेस विधायकों को पद नहीं दिया जाएगा। उसके विपरीत बसपा के विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाती है तो इससे कांग्रेस के विधायकों और संगठन के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में गलत मैसेज जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर अब मंत्री रोज जनसुनवाई करेंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मंत्रियों का रोस्टर बनाकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर जनसुनवाई शुरू की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं की आसानी से सुनवाई हो।

मंत्री अशोक चांदना ने बैठक में कहा कि राजनीतिक नियुक्तियां किश्तों की बजाय जल्द और एक साथ होनी चाहिए। महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रेहान रियाज ने कहा कि टिकट वितरण की तरह ही राजनीतिक नियुक्तियां हुई तो कुछ नहीं होगा। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष रावत ने भी जल्द राजनीतिक नियुक्तियां करने की वकालत करते हुए कहा कि राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होने से गलत संदेश जाएगा।

वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बदौलत सरकार बनी है उन्हें मौका मिलेगा। सब जानते है किसने काम किया है।
निकाय प्रमुखों के सीधे चुनाव को लेकर नेताओं में एकराय नहीं
बैठक में निकाय प्रमुखों के सीधे चुनाव से कांग्रेस नेताओं की अलग-अलग राय दिखी। कई नेताओं ने सीधे चुनाव नहीं करवाने का सुझाव दिया।

बैठक में कई नेताओं ने धारा 370 (Section 370) और लोकसभा चुनाव परिणामों का हवाला दिया। कांग्रेस नेताओं ने सीएम से  सीधे चुनाव करवाने के कानून में बदलाव की मांग की।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot)ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सिर्फ महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi)की 150वीं वर्षगांठ  समारोह को लेकर व्यक्तव्य दिया। उम्मीद जताई जा रही थी कि वे बसपा विधायकों (BSP MLAs)के विलय सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

गहलोत ने मीडिया से कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi)और उनकी पूरी टीम  के लोगों ने महात्मा गांधी को कभी नहीं माना और अब उनके नाम का दुरुपयोग करके देशवासियों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। महापुरुषों के नाम पर वोटों की राजनीति मेें कामयाब हो गए। इन्हें एक्सपोज करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतंत्र खतरे में है, हिंसा और भय का माहौल है। काम धंधे डूब रहे हैं, नौकरियां लगनी तो दूर की बात नौजवानों की नौकरियां जा रही हैं और जिस प्रकार के अर्थव्यवस्था के हालात हैं उन्हें देखकर लगता है देश में आने वाला वक्त बहुत ही कठिन होगा।

ऐसे में महात्मा गांधी का संदेश, सिद्घांत और  नीतियों को युवा पीढ़ी को अवगत कराना है।इससे पहले बैठक में निर्णय किया गया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के पर 2 से लेकर 9 अक्तूबर तक प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।