पायलट से बोले राठौड़ अकेले हो तो हम आपके साथ आ जाएं

सचिन पायलट अकेले बैठे रहे तथा उनके पीछे बमुश्किल 10 विधायक सदन में मौजूद रहे इस दौरान अशोक लाहोटी ने चुटकी ली कि इतने महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान सिर्फ एक मंत्री सदन में उपस्थित है और कोई भी नहीं

dainik reporters

Jaipur News : राज्य विधानसभा (Rajya Vidhansabha ) में लोक निर्माण व ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान अजीब वाकया हुआ। इस दौरान हुई छोटी सी बात ने प्रदेश के राजनीतिक पंडितों के कान खड़े कर दिए हैं।

हुआ यूं कि सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस (Congress) के सभी मंत्री और विधायक बाहर चले गए। इस दौरान सदन में सचिन पायलट (Sachin Pilot) अकेले बैठे रहे तथा उनके पीछे बमुश्किल 10 विधायक सदन में मौजूद रहे।

इस दौरान अशोक लाहोटी (Ashok Lahoti)ने चुटकी ली कि इतने महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान सिर्फ एक मंत्री सदन में उपस्थित है और कोई भी नहीं। एक भाजपा विधायक(BJP MLA) ने कहा कि सब पायलट (Pilot)को अकेला छोड़ गए। इस पर राजेंद्र राठौड़ ने पायलट को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप अकेले हो तो घबराए नहीं हम आपके साथ आने को तैयार है।

पायलट (Pilot) ने जवाब देते हुए कहा कि वह अकेले ही सबके लिए काफी है। इस बातचीत में राजेंद्र राठौड़(Rajendra Rathore) के बयान को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।कयास है कि भाजपा के नेता सचिन पायलट को लुभाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

सर्वविदित है कि सचिन पायलट(Sachin pilot ) और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok gehlot) के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है। पायलट ने 5 साल तक कांग्रेस को अपने दम पर बढ़ाया और विधानसभा चुनाव जीतने के बाद जीत का सेहरा अशोक गहलोत के सर बांधते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया। इसकी टीस आज भी पायलट के मन में है । ऐसे में राठौड़ का बयान कई मायने निकाल रहा है।

कयास यह भी है कि भाजपा(BJP) नेता पायलट(Pilot) खेमे में सेंधमारी के प्रयास कर रहे हैं, और कोशिश कर रहे हैं कि सचिन पायलट(Sachin Pilot) अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाए और अशोक गहलोत सरकार गिर जाए। इसके लिए सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनने का ऑफर भी दिया जा सकता है।

विधानसभा (Vidhansabha) में हुई इस चुहल बाजी कि सभी अलग अलग मायने सभी निकाल रहे हैं। वही कांग्रेस के नेता भी इसको लेकर सतर्क हो गए हैं। सदन में भी जैसे ही यह मामला उठने लगा हां पक्ष लॉबी से सभी कांग्रेस के विधायक वहां एकजुट हो गए।

इससे यह भी माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट की तगड़ी घेराबंदी कर रखी है। शायद गहलोत को इसकी सूचना है की भाजपा नेता पायलट को तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं।

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले भी भाजपा नेताओं ने पायलट को भाजपा में लाने की बहुत कोशिश की थी।