10 हजार करोड रुपये लागत के दिल्ली-दौसा कॉरीडोर के कार्य को 2 वर्ष की अवधि में पूर्ण -सचिन पायलट

भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत 85 हजार करोड रुपये की लागत से बनाये जा रहे ग्रीन फील्ड कॉरीडोर ‘‘दिल्ली-मुम्बई‘‘ एवं 40 हजार करोड रुपये की लागत से बनाये जा रहे

dainik reporters

 

Jaipur News: राज्य सरकार के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने बुधवार को राजस्थान सचिवालय(Rajasthan sachivalay) में प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National highway authority of india)के स्तर पर कराये जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

इस समीक्षा बैठक में विशेष रूप से उन्होंने भारतमाला परियोजना(BharatMala Pariyojana) के अन्तर्गत 85 हजार करोड रुपये की लागत से बनाये जा रहे ग्रीन फील्ड कॉरीडोर ‘‘दिल्ली-मुम्बई‘‘(Dehli-Mumbai) एवं 40 हजार करोड रुपये की लागत से बनाये जा रहे ।

‘‘अमृतसर-जामनगर‘‘(Amritsar-Jamnagar) के राजस्थान राज्य से गुजरने वाले एलाइनमेंट पर परियोजना कार्य की वर्तमान स्थिति, अवार्ड की स्थिति एवं वांछित भूमि अधिग्रहण की स्थिति को समझते हुए ।

यह निर्देश दिये कि उपरोक्त परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि तीन वर्ष में तथा राजस्थान से गुजरने वाले 10 हजार करोड रुपये लागत के दिल्ली-दौसा कॉरीडोर के कार्य को 2 वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जावे।

 

उक्त बैठक में उन्होंने जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग(Jaipur Dehli NH NO.8) संख्या-8 की वर्तमान स्थिति को समयबद्ध रूप से सुधारने के लिए भी दिशा-निर्देश दिये जिससे आमजन को इस मार्ग पर लम्बे समय से हो रही परेशानियों को दूर किया जा सके।

इस संबंध में भाराराप्रा के अधिकारियों ने बताया कि इस सड़क के बचे हुए कार्य को आगामी सप्ताह से भाराराप्रा अपने हाथ में ले लेगी।

 

पायलट (Pilot) ने भाराराप्रा के अधिकारियों को राज्य सरकार से पूर्ण सहयोग दिलाये जाने के लिए आश्वस्त किया और उन्होंने यह दिशा-निर्देश दिये कि राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित चल रही समस्त परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करें।

इस बैठक में अति मुख्य सचिव, सानिवि एवं भाराराप्रा की ओर से मुख्य महाप्रबंधक एवं मुख्य महाप्रबंधक (भारतमाला परियोजना) मुख्यालय, नई दिल्ली आदि ने भाग लिया।