दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे 13000 पेड़ कटेंगे

जिला कलेक्टर ने कहा कि किसानों को उनकी भूमि का वाजिब दाम मिले इसके लिए वे प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जो भी नियम और कानून बने है उसके आधार पर ही वे भूमि का अधिग्रहण कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध करा रहे हैं। यदि राज्य सरकार स्तर पर कुछ होना है तो इसके लिए वे सरकार को उनकी समस्याओं से अवगत करा देंगे और उनके यहां मुआवजा देने में त्रुटि रह जाती है या नियमों की अनदेखी की जा रही है तो इस बारे में  अधिकारियों से बैठक कर चर्चा कर लेंगे

दौसा
 दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे के निर्माण में दौसा जिले में 87.339 किमी मार्ग बनाया जाएगा। जिले के 80 गांव इस परियोजना से प्रभावित होंगे और 1044.14 हैक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 28 धार्मिक स्थल भी चपेट में आएंगे। इस परियोजना में जिले में 13000 पेड़ भी काटे जाएंगे। इधर जमीन अधिग्रहण करने को लेकर जो मुआवजा दिया जा रहा है उसे कम बताते हुए किसानों ने ज्यादा मुआवजे की मांग की है।
दरअसल दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे का निमार्ण कार्य किया जा रहा है करीब 87 किमी मार्ग दौसा जिले से भी होकर गुजरेगा। ऐसे में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन जमीन अधिग्रहण के साथ ही किसानों की समस्याएं भी सामने आने लगी। ऐसे में किसानों का एक प्रतिनिधि मण्डल अपनी समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी से मिला और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। किसान जो ढाई गुना मुआवजा मिल रहा है उसे कम बता रहे हैं और चार गुना तक देने की मांग कर रहे हैं।
किसानों का कहना था कि उनको उनकी भूमि का मुआवजा डीएलसी दर पर दिया जा रहा है और वो भी ढाई गुना जबकि केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भूमि का मुआवजा चार गुना दिए जाने की घोषणा की थी। किसानों का कहना था कि उन्हे केवल भूमि का मुआवजा दिया जा रहा है जबकि उनके कुएं, ट्यूबवैल, मकान, दुकानें भी इसमें आ रही है जिसके नुकसान की भरपाई के लिए कोई प्रावधान नहीं है। किसानों ने कहा कि उनकी भूमि की दरें डीएलसी दर के आधार पर तय की जा रही है जो हाईवे को देखते हुए बहुत कम दर है इसे बढ़ाया जाए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि किसानों को उनकी भूमि का वाजिब दाम मिले इसके लिए वे प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जो भी नियम और कानून बने है उसके आधार पर ही वे भूमि का अधिग्रहण कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध करा रहे हैं। यदि राज्य सरकार स्तर पर कुछ होना है तो इसके लिए वे सरकार को उनकी समस्याओं से अवगत करा देंगे और उनके यहां मुआवजा देने में त्रुटि रह जाती है या नियमों की अनदेखी की जा रही है तो इस बारे में  अधिकारियों से बैठक कर चर्चा कर लेंगे।
 यह प्रोजेक्ट हरियाणा-राजस्थान सीमा के पास झिरका फिरोजपुर से शुरू होकर इटावा सवाईमाधोपुर तक बनाया जाएगा। इसमें राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा और सवाईमाधोपुर जिले आएंगे।  इस मार्ग पर 120 किमी प्रति प्रति घण्टे की गति से वाहन दौड़ सकेंगे। जिले में इस मार्ग पर 5 मुख्य पुल, 27 छोटे पुल, 58 पाइप वाली पुलिया और 3 फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। 3 चौराहा, 1 आरओबी और 72 भूमिगत पार पथ का निमार्ण कराया जाएगा। इसमें 20 सर्विस रोड और 3 टोल प्लाजा का भी प्रावधान रखा गया है। इस परियोजना पर 5518 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।