किसानों के आन्दोलन को भटकाना चाहती है भाजपा सरकार,कोई हौसला टूटने वाला नहीं : अखिलेश

लखनऊ । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार की किसान संगठनों के साथ बेनतीजा वार्ता के बाद फिर अगली तारीख हो गई। हर बार आधा दिन गुजार कर दो बजे बैठक करने से ही लगता है कि भाजपा सरकार आधे मन से आधे समय काम करके इस आन्दोलन को भटकाना चाहती है। लेकिन, सत्ता का दम्भ तोड़ने वाले किसानों का हौसला टूटने वाला नहीं है।
उन्होंने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि किसान अपना भविष्य बचाने के संघर्ष में बलिदान कर रहे हैं। भाजपा बेतुके तर्कों और झूठे तथ्यों से किसानों के आन्दोलन को बदनाम कर रही है। वह हर हाल में काले कृषि कानून देश में थोपना चाहती है। अच्छा हो, भाजपा सरकार बयानबाजी में देश को न उलझाए और किसान आंदोलन में लगातार बढ़ती किसानों की मृत्यु व आत्महत्या पर शर्म करे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो भाजपा सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) होने पर भी अन्नदाता को बाजार में सही दाम नहीं दे पा रही है वह काले कानून के आने के बाद क्या एमएसपी देगी? पूरे प्रदेश में अपनी मेहनत का हक नहीं मिलने से अन्नदाता बेहाल है। किसानों पर और कितना जुल्म करेगी भाजपा की डबल इंजन सरकार।
उन्होंने कहा कि जबसे केन्द्र और राज्य में भाजपा सरकार आई है, किसान सबसे ज्यादा अन्याय का शिकार हुआ है। उसे लागत मूल्य का ड्योढ़ा देने, आय दोगुनी करने का वादा करके झांसा दिया गया है। भाजपा राज में धान की लूट हुई। गन्ना मूल्य के भुगतान में सरकार खोखले आश्वासन दे रही है। किसान अपनी बात कहने गए तो उन पर आंसू गैस लाठीचार्ज किया गया।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा लाख सफाई दे। लेकिन, किसान परेशान है कि नए कृषि कानून लागू होने के साथ ही खेती पर उनका स्वामित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्हें कारपोरेट खेती के लिए मजबूर किया जाएगा। इसीलिए कृषि कानून में एमएसपी का प्रावधान नहीं रखा गया है। बड़े कारपोरेट की शर्तो पर किसान को अपनी फसल बेचनी होगी। किसान संगठन बारबार इन सवालों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं पर भाजपा सरकार उससे कतरा रही हैं। गतिरोध का यही मूल कारण है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह अपने को जनप्रतिनिधि नहीं धन प्रतिनिधि समझती है। इसीलिए बड़े पूंजीघरानों के लिए किसानों को दांव पर लगा रही है।