भारत के पूर्व गृहमंत्री सिंह का निधन

नई दिल्ली/ पूर्व केन्द्रीय गृह मंत्री और जालोर-सिरोही के पूर्व सांसद बूटा सिंह का शनिवार सुबह निधन हो गया। दिल्ली एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। बूटा सिंह के निधन के बाद उनके पूर्व संसदीय क्षेत्र जालोर-सिरोही समेत पूरे राजस्थान में शोक की लहर छा गई है। पूर्व सांसद व केन्द्रीय मंत्री के निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर अपनी संवेदना प्रकट की है।

 

पूर्व केन्द्रीय मंत्री के निधन को लेकर उनके बेटे अवरिंदर सिंह लवली सिद्धु ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए शनिवार सवेरे जानकारी दी। सरदार बूटा सिंह जालोर-सिरोही की रिजर्व सीट पर चार बार सांसद रहने के साथ-साथ केन्द्रीय कृषि, गृह विभाग, सूचना प्रसारण, सिविल सप्लाई सहित कई विभागों के मंत्री रहे। जालोर-सिरोही लोकसभा क्षेत्र से बूटा सिंह के सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने जिले में आवागमन के संसाधनों का जाल बिछा दिया था। उनके कार्यों की बदौलत क्षेत्र की जनता आज भी उन्हें याद करती है।

उनके सांसद रहने के दौरान सिरोही के आबूरोड और जालोर में बस स्टेशन भवनों का निर्माण, सड़कों का निर्माण और जालोर जिले में तिलम संघ की एक औद्योगिक इकाई स्थापित की गई। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिला। इसके साथ ही उन्होंने जालोर में महाविद्यालय, सिरोही-जालोर के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर रहते हुए दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ आदि पुलिस बलों की भर्ती आयोजित करवाई, जिससे सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिली। जालोर-सिरोही जिले में पहली बार बीएसएनल मोबाइल के टॉवर स्थापित कर सबसे पहले मोबाइल नेटवर्क से दोनों जिलों को जोड़ने सहित कई अन्य विकास कार्य बूटा सिंह के नाम से जाने जाते हैं। जालोर जिले को ट्रेन से जोड़ने का काम भी बूटा सिंह के कार्यकाल में किया गया। बूटा सिंह तीसरी, चौथी, पांचवी और सातवीं लोकसभा के सदस्य रहे। वे जालोर-सिरोही संसदीय क्षेत्र से क्रमश: 1984, 1991, 1998 और 99 में लोकसभा सांसद रहे।

बूटा सिंह के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदना व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व सांसद बूटा सिंह के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ है। इस कठिन समय में उनके परिवार के सदस्यों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। ईश्वर उन्हें यह नुकसान सहने की शक्ति दे। उनकी आत्मा को शांति मिले।