मप्र से लेकर राजस्थान तक में मच गई थी हलचल, 16 महिलाएं आई थीं मिट्टी लेने, खदान धसकी, चार घायल

गुना ।   घर की दीवार को पोतने के लिए मिट्टी लेने 16 महिलाएं चांचौड़ा थानान्तर्गत मेरियाखेड़ी गांव स्थित खदान पर पहुंची थीं, जहां मिट्टी धंसकने से महिलाएं उसमें दब गईं । इस सूचना पर जनप्रतिनिधि व आला अफसर मय जेसीबी के वहां पहुंचे, चार घंटे से अधिक समय तक जेसीबी के जरिए रेस्क्यू चला, जिसमें अधिकांश महिलाएं तो स्वयं निकल आई थीं, जबकि चार महिलाएं खदान में मिट्टी अधिक धंसने से ज्यादा दब गई थीं,  जिनको जेसीबी के जरिए बाहर निकाला गया। दुर्घटना में राजस्थान की तीन और चांचौड़ा की एक महिला को मामूली चोट आई है, उन्हें एम्बुलेंस के जरिए मनोहर पुलिस थानान्तर्गत स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। उधर एक महिला जो मेरिया खेड़ी की है उसको चांचौड़ा में ही स्वास्थ्य केन्द्र में दाखिल कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार चांचौड़ा थानान्तर्गत ग्राम जूनापानी के  मेरियाखेड़ी खुर्द पर एक मिट्टी की खदान है। इस खदान पर अक्सर मेरियाखेड़ी  और कुछ ही दूरी पर बसे राजस्थान के उमरथानान्तर्गत कालुआ महाराजपुरा एवं इसके आसपास गांव की महिलाएं  मिट्टी लेने यहां आती-रहती हैं। मंगलवार को दोपहर एक बजे करीब कालुआ महाराजपुरा गांव की 12 महिलाएं और चांचौड़ा थानान्तर्गत मेरियाखेड़ी खुर्द की चार महिलाएं वहां मिट्टी लेने पहुंची थीं। इसी दौरान यह खदान अचानक धंसक गई। इसके धंसकते ही वहां हाहाकार मच गया। आसपास के लोग भागे-भागे यहां आए और संबंधित अधिकारी और चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह को फोन लगाया।

हर किसी के उठे हाथ मदद करने 

इस खदान में पहले 16, फिर 7, फिर 4 महिलाओं के दबने की खबर क्षेत्र में फैली। चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह ने अपने समर्थकों के साथ खदान की मिट्टी में दबी महिलाओं को निकालने का प्रयास किया। इसकी सूचना विधायक सिंह ने कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और गुना एसपी राजेश कुमार सिंह को दी। उन्होंने भी देर न कर तत्काल वहां पहुंचे। रास्ते में फोन के जरिए उन्होंने अधिकारियों और रेस्क्यू में शामिल अधिकारी व कर्मचारियों को मय जेसीबी आदि के पहुंचने के निर्देश दिए। कलेक्टर और एसपी के पहुंचने से रेस्क्यू के काम में और गति आई। इसी बीच पूर्व विधायक ममता मीणा भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गईं। उन्होंने भी रेस्क्यू में सहयोग किया।
मिट्टी की खदान में 16 महिलाओं के दबने की खबर चांचौड़ा थानान्तर्गत मेरियाखेड़ी और उसके आसपास बारां के उमर थाना और मनोहर थाना जो  राजस्थान में आते हैं, इन थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले गांव बमुश्किल आधा-एक किलोमीटर की परिधि में बसे राजस्थान और मप्र के गांव में दिन भर आते-जाते रहते हैं। इस घटना के बाद इन गांवों में हलचल मच गई थी, हर कोई यह सूचना मिलने के बाद देखने के लिए मौके पर आता नजर आ रहा था।

रेस्क्यू में निकाली चार महिलाएं 

यहां चार घंटे से अधिक समय चली रेस्क्यू में एक मेरिया खेड़ी और तीन कालुआ महाराजपुरा की महिलाओं को निकाला, जिनको एम्बुलेंस के जरिए उनके गांव के स्वास्थ्य केन्द्र पर भिजवाया। इसके बाद कहीं 16 तो कहीं 7 और महिलाओं के दबने की खबर चलती रही, जिसको लेकर प्रशासन रेस्क्यू कराता रहा। बाद में सभी महिलाओं को सुरक्षित निकाला, इसके बाद राहत की सांस ली। चांचौड़ा एसडीएम वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि मेरियाखेड़ी में मिट्टी की खदान धसकने से 16 महिलाएं दब गई थीं, जिनके सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें 12 राजस्थान के बारां जिले की और चार चांचौड़ा थाना क्षेत्र की है। इसमें चार महिलाओं को हल्की चोटें आई हैं। इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है।