कर्नाटक चुनाव: राजस्थान में बीजेपी खेमे में खुशी की लहर, राजे बोलीं- रंग ला रही मोदी-शाह के साथ कार्यकर्ताओं की मेहनत

जयपुर/ बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में राजस्थान वोटर्स भी निर्णायक भूमिका में हैं। दरअसल, कर्नाटक में कुल 4 करोड़ 96 लाख56 हजार 59 मतदाता हैं। जिनमें से अकेले राजधानी बेंगलूरु में 91 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनमें से करीब 20 लाख मतदाता हिंदीभाषी हैं। गांधीनगर, चिकपेट, राजाजी नगर, विजयनगर, जयनगर,यशवंतपुर,

May 15, 2018 7:21 am

जयपुर/ बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में राजस्थान वोटर्स भी निर्णायक भूमिका में हैं। दरअसल, कर्नाटक में कुल 4 करोड़ 96 लाख56 हजार 59 मतदाता हैं। जिनमें से अकेले राजधानी बेंगलूरु में 91 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनमें से करीब 20 लाख मतदाता हिंदीभाषी हैं। गांधीनगर, चिकपेट, राजाजी नगर, विजयनगर, जयनगर,यशवंतपुर,

यलहंका, बेट नारायणपुरा,महादेवपुरा, बो मनहल्ली, हेब्बाल,शांतिनगर, चामराज पेट, केआरपुरम,राजराजेश्वरी नगर में

राजस्थानी और हिंदी भाषी मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। इनमें कुछसीटों पर राजस्थानी-हिन्दी भाषी मतदाताओं की सं या बीस हजार से भी ज्यादा है। यहां उत्तर भारतीय,गुजराती, पंजाबी, मारवाड़ी और हिंदी भाषी मुस्लिम मतदाताओं की सं या 15 लाख से अधिक है। हिन्दी भाषी खास कर राजस्थानी हार जीत में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। वहीं भाजपा-कांग्रेस ने राजस्थानी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने केलिए राजस्थान के नेताओं को बेंगलुरू भेजा था। आलम यहां तक पहुंच गया था कि शादी समारोह या गर्मियों की छुट्टियां बिताने के लिए राजस्थान गए मतदाताओं को चुनाव से पहले वापस बुलाने पर भी दोनों ही दलों के नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया था। ऐसे मतदाताओं से फोन पर संपर्क साधा गया था। राजस्थान में भी प्रवासी सेल बनाकर मतदाताओं से संपर्क

किया गया। जालोर जिले के आहोर से विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित ने बताया कि राजस्थान गए लोगों को मतदान से पहले वापस बुलाने के लिए बनाई गई स्पेशल सेल के जरिए परिवार के मुखिया से फोन पर संपर्ककर मतदान से पहले पहुंचने की अपील भी की गई थी। बेंगलूरु में रहने वाले राजस्थानियों को लुभाने के लिए राजस्थान के कई नेताओं ने डेरा डाला रखा था। कांग्रेस की ओर से पूर्व मु यमंत्री अशोक गहलोत ,प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और मारवाड़ के कांग्रेसी नेता करणसिंह उचियारड़ा ने कमान संभाली थी। वहीं भाजपा की तरफ से केन्द्रीय मंत्री पीपी चौधरी, गजेन्द्र सिंह शेखावत,आहोर विधायक शंकरसिंह राजपुरोहित, पूर्व सांसद पुष्प जैन और विधायक  केसाराम चौधरी ने बेंगलूरु में अलग-अलग समाज के लोगों से समर्थन माँगा था। कर्नाटक विधानसभा चुनाव की मतगणना सुबह आठ बजे पु ता सुरक्षा इंतजाम के साथ शुरू हो गई। राज्य के 33 चुनावी जिलों के 38 मतगणना केंद्रों पर मतगणना शुरू हुई। पु ता सुरक्षा इंतजाम के बीच हो रही मतगणना प्रक्रिया में 11,160 कर्मचारी शामिल है। इसी के साथ कर्नाटक की 15वीं विधानसभा की 224 में से 222 सीटों के लिए विभिन्न दलों के 2622 उ मीदवारों की किस्मत का फैसला हो जाएगा। इस बार कौन सी पार्टी सरकार बनेगी यह भी तय हो जाएगा। सत्तारूढ़ कांग्रेस राज्य की220, भाजपा 222, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल(सेक्युलर) 199 और गठबंधन की साझेदार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 18 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। माक्र्सवादी क युनिस्ट पार्टी (माकपा) 18, भारतीय क युनिस्ट पार्टी (भाकपा) दो, स्वराज इंडिया पार्टी 11, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) 10 सीटों पर अपने उ मीदवार उतारे हैं। भाजपा कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) तीनोंपार्टियां ही सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। राज्य में 12 मई को हुए विधानसभा चुनाव में करीब 72.36 प्रतिशत मतदान हुआ था।कर्नाटक चुनाव: राजस्थान में बीजेपी खेमे में खुशी की लहर,

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