कॉर्बनडाई ऑक्साइड से बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग मानव जीवन के लिए खतरा : मूर्थी

    विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्यापर ग्लोबल वार्मिंग चिंतन शिविर सम्पन्न संत दुलाराम परिंडा लगाओ अभियान के तहत पक्षियों के लिए लगाये परिंडे जयपुर । ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व में एक मुख्य वायुमण्लीय मुद्दा है। सूरज की रोशनी को लगातार ग्रहण करते हुए हमारी पृथ्वी दिनों-दिन गर्म होती जा रहीहै जिससे वातावरण में कॉर्बनडाई ऑक्साइड का …

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June 4, 2018 7:00 pm

 

 

विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्यापर ग्लोबल वार्मिंग चिंतन शिविर सम्पन्न

संत दुलाराम परिंडा लगाओ अभियान के तहत पक्षियों के लिए लगाये परिंडे

जयपुर । ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व में एक मुख्य वायुमण्लीय मुद्दा है। सूरज की रोशनी को लगातार ग्रहण करते हुए हमारी पृथ्वी दिनों-दिन गर्म होती जा रहीहै जिससे वातावरण में कॉर्बनडाई ऑक्साइड का स्तर बढ़ रहा है। इसके लगातार बढ़ते दुष्प्रभावों से इंसानों के लिये बड़ी समस्याएं हो रही है। जिसकेलिये बड़े स्तर पर सामाजिक जागरुकता की जरुरत है।

विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या चार जून की शाम पिंकसिटी प्रेस क्लब में ग्लोबल वार्मिंग पर आह्वान जनकल्याण एवं सेवा समिति एवं नेशनल लोकदर्पन न्यूज़ एजेंसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चिंतन शिविर में मुख्य अतिथि के रूप मेंसंबोंधित करते हुए पर्यावरण विभाग  के डायरेक्टर एंव जेएस (आईएएस) एस आरवी मूर्थी ने यह बात कही। मूर्थी ने कहा की धरती के सतह का तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसा आकलन किया गया है कि अगले 50 या 100वर्षों में धरती का तापमान इतना बढ़ जायेगा कि जीवन के लिये इस धरती पर कई सारी मुश्किलें खड़ी हो जाएँगी। धरती पर तापमान के बढ़ने पर जोसबसे मुख्य और जाना हुआ कारण है,वो है वायुमंडल में बढ़ती कॉर्बनडाईआक्साइड की मात्रा का स्तर।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि  पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व विशेषाधिकारी एवं आह्वान जनकल्याण एवं सेवा समिति के अध्यक्ष फ़ारूक़ आफ़रीदी ने चिन्तन शिविर में कहा की दिनों-दिन बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग के खतरनाक प्रभाव से समुद्र जल स्तर में वृद्धि, बाढ़, तूफान,चक्रवात, मौसम के स्वरुपों में परिवर्तन,संक्रामक बीमारीयाँ, खाद्य कमी, मौतें आदि आने वाले समय में दिखाई देंगी। इससे निजात पाने का एक ही तरीका हैव्यक्तिगत स्तर पर जन-जागरुकता। इसके अर्थ, कारण, और प्रभाव कीसमझ करनी ही होगी जिससे मिटाया जा सके और धरती पर जीवन की राह आसान हो। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही सेवानिर्वत शिक्षिका एंव समाजसेविका श्रीमती कमलेश शर्मा ने कहा की लोगों को उनकी बुरी आदतों जैसे तेल, कोयला और गैस के अत्यधिक इस्तेमाल, पेड़ों की कटाई(क्योंकि ये कार्बनडाई ऑक्साइड को सोखने का मुख्य स्रोत है) को रोक कर, कम बिजली का इस्तेमाल कर आदि से CO2 को फैलने से रोकना चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी महेश शर्मा ने कहा की प्लास्टिक के प्रयोग और अत्याधुनिक मशीनों से निकल रही हानिकारक गैसों से हमें बचना होगा। मात्र सरकारी स्तर के रोकथाम प्रयासों से कुछ नहीं होगा, जनसहभागिता आवश्यक है। इस अवसर पर पर्यावरण के लिए जाग्रत होकर  कार्य कर रहे समाजसेवी याकूब गौरी, श्रीमती कमलेश शर्मा का विशिष्ट सम्मान किया गया जबकि नदीम आफरीदी, जीतेन्द्र पाटोदी, राजकुमार, नरेन्द्र सुमन, सुशीला शर्मा, मकसूद भाई, नरेश वर्मा आदि को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए। प्रतिवर्ष ग्लोबल वार्मिंग पर चिन्तन शिविर आयोजित करने पर कार्यक्रम संयोजक पुरषोत्तम पारीक का सभी ने आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रमको जैन सोशल ग्रुप के अक्षय जैन मोदी,पिंकसिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष के राधारमण शर्मा, महासचिव मुकेश चौधरी और क्लब के कोषाध्यक्ष रघुवीर जांगिड़ ने संबोधित किया। क्लबउपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, श्रमजीवी पत्रकार संघ की प्रदेश सचिव श्रीमती अनिता शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात संत दुलाराम परिंडा लगाओ अभियान के तहत तेज गर्मी में पक्षियों के बचाव के लिए प्रेस क्लब परिसर में परिंडे भी लगाये गए।

 

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