बैंकों में नकदी की किल्लत,सहकारी बैंकों में परेशान हैं किसान 

  बैशांग।  जिला सहकारी बैंक में नगदी नहीं हाने से किसान नगदी की किल्लत झेल रहें हैं। करंसी क्राइसिस के कारण बैंक के पास इतना पैसा नहीं है कि वह किसान के खाते में उसकी उपज की राशि एक साथ दे सके। किसान को एक दिन में सिर्फ बीस हज़ार रूपये ही बैंक से मिल …

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January 2, 2019 11:36 am

 

बैशांग।  जिला सहकारी बैंक में नगदी नहीं हाने से किसान नगदी की किल्लत झेल रहें हैं। करंसी क्राइसिस के कारण बैंक के पास इतना पैसा नहीं है कि वह किसान के खाते में उसकी उपज की राशि एक साथ दे सके। किसान को एक दिन में सिर्फ बीस हज़ार रूपये ही बैंक से मिल रहा है। बैंक का कहना है कि राष्टीयकृत बैंक चेस्ट से एसिड मिलने में परेशानी आ रही है लेकिन लीड बैंक का कहना है जिले में हमारे सात चेस्ट है जिसमें 380 करोड़ रुपये की नकदी जमा है। जिला सहकारी बैंक अपनी डिमांड देगा, तो उसे तुरंत दवाओं के रूप में मुहैया कराया जाएगा। चाहे गलती किसी की भी हो किसान तो परेशान हो रहा है।

जिले भर में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानो को उनकी उपज का पैसा सीधा खाने में जमा किया जा रहा है। जिला सहकारी बैंक के खातेदार किसानों के खातो में पैसा जमा है तो हो रहा है लेकिन उन्हें बैंक से एक बार में सिर्फ बीस हज़ार रुपये दे देंगे है। किसान को अगर एक लाख रुपया निकालना है तो उसे पांच बार बैंक जाना होगा। इन दिनों किसानो को नकद में खाद खरीदना गिरने का पर्याप्त पैसा नहीं होने के कारण किसान खाद भी मुश्किल से खरीद पा रहा है। लिहाजा ऐसे में किसानों को साहूकारों के पास राशि गिरवी रखने के लिए कर्ज लेना पड़ता है।

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