15 दिन में  होने वालें दो ग्रहण, ब्रह्माण्ड में होगी उथल-पुथल, पाक व चीन को लगेगा झटका

ज्योतिष पण्डित गोपाल उपाध्याय
ज्योतिष पण्डित गोपाल उपाध्याय

Bhilwara News ।इस साल के अंत मे एक पखवाडे (15) दिन मे दो होने वाले ग्रहण से ब्रह्माण्ड में बडी उथलपुथल होगी । हालाकि रह दोनो ग्रहण भारत मे दिखाई नही देंगे जिससे यहां सूतक नहो होगा लेकिन सूर्य ग्रहण पर एक अद्भूत संयोग बन रहा है की ब्रह्माण्ड मे 5 ग्रह एक साथ एक हो राशि मे होंगे । इन ग्रहण के कारणभूकंप, बर्फबारी,टकराव, संक्रमण,आन्दोलन तथा पाक व चीन मे आर्थिक मंदी हालत खराब जैसी घटनाएं घटित होगी ।

ज्योतिष नगरी कारोई के ज्योतिष पण्डित गोपाल उपाध्याय पुत्र नानूराम उपाध्याय ने यह जानकारी देते हुए बताया की वर्ष के अंत2020 में 14 दिसंबर 2020 को सूर्य ग्रहण से ब्रह्माण्ड में आयेगें अनेक बदलाव व उत्पात  वर्ष के अंत में सूर्य ग्रहण मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या को खग्रास सूर्य ग्रहण है ।जो भारत में दृश्यमान नहीं होगा लेकिन भारतीय समय अनुसार ग्रहण का स्पर्श सांय 7 बजकर 54 मिनीट से एवं मोक्ष रात्रि शेष 12 बजकर 23 मिनट पर होगा । यह ग्रहण दक्षिणी अमेरिका ब्राजील के दक्षिण साउथ अफ्रीका के दक्षिण छोर तथा अंटार्टिका महाद्वीप के उत्तरी छोर पर ही दृश्य होगा ।

संयोग

अजब संयोग 14 दिसम्बर को 2020 को पाँच ग्रह ब्रह्माण्ड में एक ही राशि वृश्चिक राशि पर विद्यमान रहेंगे जिनमे सूर्य चन्द्र बुध शुक्र केतु जो भूमण्डल में आंशिक कालसर्प दोष का निर्माण करेंगे जो क्षणिक होगा व केतु द्वारा 4 ग्रहों को ग्रहण लगेगा जिसका प्रभाव बाद में देखने को मिलेगा व पहले से देवगुरु वृहस्पति शनि की राशि मकर में दिनाँक 20 नवम्बर 2020 को आ चुके हैं गुरु मकर राशि में नीचगत होते हैं जो अच्छा फल नहीं देते हैं मकर राशि में गुरु व शनि का योग एक साथ 59 साल बाद बना है ये योग इससे पहले 10 फरवरी 1961 में बना जिसका असर भी भूमण्डल में अच्छा नहीं रहा था ।

इन ग्रहों के बदलाव व सूर्य ग्रहण के प्रभाव निम्न देखने को मिलेंगे

प्राकृतिक प्रभाव

प्रकृति में अनेक बदलाव देखने को मिलेंगेभारत में हिमालय क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी व मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर अनेक पश्चिमी देशों में भी बर्फबारी व समुद्री सिमाई क्षेत्रों में तुफान व तिब्बत चीन नेपाल पाकिस्तान अफगानिस्तान व भारत के उत्तरी क्षेत्रों में जम्मूकश्मीर उत्तराखण्ड हिमाचल व हिमालयी क्षेत्र में भूकम्प के झटके कहीँ कम तो कहीं ज्यादा देखने को मिलेंगे व अनेक जगह आगजनी देखने को मिलेगी संक्रमित रोगों का बोलबाला रहेगा जिससे जनता में भय व्याप्त रहेगा लेकिन 2021 में पहुँचते पहुंचते अनेक संक्रमित रोगों की दवाइयाँ आ चुकी होगी जिसमें कोरोना वैक्सीन भी होगी जिससे ये महामारी नियंत्रण में आएगी तब तक आमजनमानस को सम्पूर्ण सावधानी रखनी होगी

वैश्विक प्रभाव, पाक व चीन को मिलेगा झटका

विश्व में अनेक देशों में उग्रवादी घटनाएँ देखने को मिलेगी विश्व में अनेक देश अपने हितों को लेकर आपसी टकराव व युद्द वाली स्थिति में आएंगे तथा टकराव चरम बिंदु तक पहुँच जायेगा जिसमे अमेरिका चीन व ईरान व
भारत पाकिस्तान और भारत चीन में सीमाई क्षेत्रों में टकराव देखने को मिलेगा फिर भी भारत की स्थिति मजबूत रहेगी विशेष करके चीन व पाकिस्तान के खिलाफ दुनियाँ के कुछ देशों को छोड़ कर सभी देश लामबंद होंगे जिससे चीन व पाकिस्तान की आर्थिक व सामरिक दृष्टि से दुर्दशा व हालात बहुत खराब होंगे पाकिस्तान अफगानिस्तान ईराक अमेरिका फ्रांस व सीरिया व विश्व के अनेक जगह उग्रवादी घटनाएँ देखने को मिलेगी जिससे जनधन की हानि होगी

राजनीतिक प्रभाव

विश्व में अनेक देशों की सरकार व जनता के बीच अविश्वास के कारण जनता व विपक्ष आंदोलनरत रहेंगे । नेता दल बदलू होंगे व विश्व में सरकारों के बीच उठा पटक व सरकारों के खिलाफ आंदोलन देखने को मिलेंगे
भारत भी इससे नहीं रहेगा अछुता भारत में भी अनेक नेता दल बदलू होंगे जिससे कुछ राज्यों वर्तमान सरकारें खतरे में पड़ सकती है किसी बड़े राजनेता व किसी बड़े कलाकार हस्ती के मृत्यु योग बनेंगे । केंद्र सरकार के खिलाफ राज्यसरकारों व विपक्ष लामबंद व जनता व किसान आन्दोलन करेंगे ।फिर भी कुछहद तक केंद्र सरकार सभी हालतों पर पुर्ण रूप से नियंत्रण रखने में कामयाब रहेगी व नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नये कानुन लायेगी व धीरे धीरे भारत मन्दी की मार से बाहर निकल कर प्रगति की और अग्रसर होगा ।

चन्द्रग्रहण 30 को

ज्योतिष पण्डित गोपाल उपाध्याय ने बताया की साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में होगा और एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा ।

चन्द्रग्रहण का समय

चंद्र ग्रहण तिथि 30 नवंबर 2020
उपच्छाया से पहला स्पर्श 30 नवंबर 2020 की दोपहर 1 बजकर 04 मिनट पर
परमग्रास चन्द्र ग्रहण 30 नवंबर 2020 की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श 30 नवंबर 2020 की शाम 5 बजकर 22 मिनट पर ।
सूतक काल प्रारंभ- इस बार लगने वाले चंद्रग्रहण में सूतककाल मान्य नहीं होगा।

 

वर्ष 2020 के ग्रहण

– पहला ग्रहण : 10 जनवरी, चंद्र ग्रहण (लग चुका है)।
– दूसरा ग्रहण : 5 जून, च्रद्र ग्रहण (लग चुका है)।
– तीसरा ग्रहण : 21 जून, सूर्य ग्रहण (लग चुका है)।
– चौथा ग्रहण : 5 जुलाई को लगेगा, चंद्र ग्रहण।
– पांचवा ग्रहण : 30 नवंबर को लगेगा, चंद्र ग्रहण।
– छठा ग्रहण : 14 दिसंबर को लगेगा, सूर्य ग्रहण

पूर्ण चंद्रग्रहण 2025 में दिखेगा

संपूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 में देखने को मिलेगा। वैसे सामान्यतः एक वर्ष में 4 ग्रहण लगते हैं। इसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्रग्रहण, लेकिन कभी-कभी इससे ज्यादा भी ग्रहण पड़ जाते हैं। 2024 में 3 चंद्रग्रहण और दो सूर्य ग्रहण लगेंगे। ऐसे ही 2027 में भी ग्रहण पड़ेंगे। 2029 हमारे लिए खास होगा, तब यहां 4 सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण देखने को मौका मिलेगा।

 

प गोपाल उपाध्याय कारोई
मो 9461532353