जयपुर बम बलास्ट की 10वीं बरसी आज

शहर में जगह-जगह होगी प्रार्थना महाआरती व श्रदांजली सभाए आयोजित जयपुर।  जयपुर बम बलास्ट की 10वीं बरसी के चलते आज शहर में जगह-जगह  प्रार्थना महाआरती व श्रदांजली सभाए आयोजित होगी। वहीं कोतवाली व माणक चौक थाने से इस बम ब्लास्ट में शहीद हुए पुलिसकर्मियों का श्रृदाजंली दी जाएगी। इस श्रृदाजंली में जयपुर पुलिस कमिश्रर संजय अग्रवाल सहित पुलिस …

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May 13, 2018 6:15 am

शहर में जगह-जगह होगी प्रार्थना महाआरती व श्रदांजली सभाए आयोजित

जयपुर।  जयपुर बम बलास्ट की 10वीं बरसी के चलते आज शहर में जगह-जगह  प्रार्थना महाआरती व श्रदांजली सभाए आयोजित होगी।

वहीं कोतवाली व माणक चौक थाने से इस बम ब्लास्ट में शहीद हुए पुलिसकर्मियों का श्रृदाजंली दी जाएगी। इस श्रृदाजंली में जयपुर पुलिस कमिश्रर संजय अग्रवाल सहित पुलिस के आलाधिकारी सहित अन्य लोगों ने शहीद पुलिस कर्मियों की फोटो पर पुष्प अर्पित की जाएगी।

13 मई 2008 की वो शाम आज भी आंखो में खौफ बन कर जब भी याद आती है हर कोई सिहर उठता है। 10 साल पहले छोटी काशी के अमन-चैन में दहशतगर्दी की हरकत के बाद जयपुर एक बारगी दहशत में पड़ गया। शाम सात बजे एक के बाद एक कर के आठ जगह बम ब्लास्ट में 72 लोगो की जान चली गई। करीब 180 लोग जख्मी होकर अस्पताल पहुंचे । जिनमें पचास से अधिक का शरीर अपंग है। आतंकी हमले के बाद जांच व धरपकड़ में जुटी पुलिस, व सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाही करते हुए दो साल तक 12 दहशतगर्दो की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी गई।

जयपुर में तेरह मई को यह विस्फोट सांगानेर गेट, एलएमबी होटल के सामने, माणक चौक थाने के सामने, चूड़ी वालों के खंदे के पास, फूल वालों के खंदे के पास, त्रिपोलिया बाजार,कोतवाली थाने के बाहर व चांदपोल हनुमान मंदिर के सामने हुए। इनमें एक श्रीराम मंदिर के सामने साइकिल पर लगे बम को पुलिस ने डिफ्यूज किया था ।

12 मिनट में हुए थे धमाके

 13 मई 2008 का वो काला दिन आज भी देश के जेहन में बिल्कुल ताजा है।  उस दिन मंगलवार था। राजधानी जयपुर में 12 मिनट के अंतराल और 2 किलोमीटर के दायर में 8सीरियल बम धमाके हुए थे।  इन धमाकों ने पूरे देश को झंझोरकर रख दिया था। आतंकवादियों ने आतंक का ऐसा अमिट घाव दिया, जिसके जख्म आज भी राजधानी के लोगों के जेहन और दिलों में ताजा हैं।

72 लोगों की हुई थी मौत

आपको बता दें कि चांदपोल हनुमान मंदिर के बाहर आरती के समय पहला धमाका हुआ था और वहीं देखते ही देखते एक के बाद एक 8धमाकों से गुलाबी नगरी लहूलुहान हो गई थी। चारों ओर खून, चित्कार और लोगों के मांस के लोथड़े ही लोथड़े बिखरे पड़े थे।  किसी ने अपना बेटा खोया, तो किसी ने अपना पति, तो किसी ने अपने माता-पिता खोए।  इन धमाको में 72 लोगों की मौत हो गई थी।  वहीं हादसे में287 लोग घायल हुए।

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