रमजान में पूरी ईमानदारी के साथ करें अल्लाह ही ईबादत: मास्टर सत्तार अहमद

रमजान में एक नेकी का सवाब 70 गुना तक बढ़ जाता है: समीर अहमद

बागपत/ विवेक जैन।14 अप्रैल से शुरू हो रहे पाक रमजान माह की तैयारियाॅं प्रारम्भ हो चुकी है। इस पाक अवसर पर युवा चेतना मंच बसौद के संस्थापक एवं प्रमुख समाज सेवी मास्टर सत्तार अहमद ने बताया कि रमजान माह का हर किसी को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है।

बुराईयों से तौबा कर अल्लाह की ईबादत करने का इससे पाक महीना और कोई नही है। उन्होंने सभी से आहवान किया कि रमजान में पूरी ईमानदारी के साथ अल्लाह की ईबादत करे।

अल्लाह की ईबादत करते समय अपना पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ ईबादत में ही लगाये। ईबादत करते समय अल्लाह के अलावा किसी के भी बारे में ना सोचे। बागपत के प्रसिद्ध एमजीएस अल अमन स्कूल गांव पांची की प्रधानाचार्य गुलिस्ता मुमताज ने कहा कि रमजान का महीना बेहद पाक और रहमतों वाला महीना है और इसे गुनाहों की मांफी का पर्व भी कहा जाता है।

कहा कि वह इस पाक महीने में दुआ करेंगी कि यह पाक रमजान माह मुल्क में प्यार, भाईचारा, रहमत और बरकत लेकर आये और मुल्क में खुशहाली हो। कोरोना जैसी महामारी से इस संसार को मुक्ति मिले और भविष्य में ऐसी महामारी फिर से ना हो।

युवा चेतना मंच बसौद के महासचिव एवं युवा समाज सेवी समीर अहमद ने बताया कि रमजान में एक नेकी का सवाब 70 गुना तक बढ़ जाता है, रमजान में रोजा अहम ईबादत होती है।

पाक रमजान के पूरे महीने रोजे रखकर अल्लाह की इबादत की जाती है। रोजा रखने से इंसान की रूह भी पाक हो जाती है। बताया कि अल्लाह इस महीने में रोजेदारों के हर गुनाह को माफ कर देता है।