Ajay Maken, state in-charge of Rajasthan Congres
दिल्ली देश

राज्यसभा चुनाव रण, राजस्थान के बाद अब हरियाणा मे भी कांग्रेस में सकंट के बाद, माकन की बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली/ राज्यसभा चुनावो को लेकर राजस्थान की 4 सीटो को लेकर घमासान मचा हुआ है और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे भाजपा और आरएलपी के समर्थन से चुनाव मैदान मे कूदे सुभाष चंद्रा ने कांग्रेस और सीएम गहलोत को टेंशन मे डाल रखा है । राजस्थान के बाद हरियाणा मे भी कार्तिकेय शर्मा ने भी भाजपा की सहयोगी पार्टी जननायक जनता पार्टी(,जजपा) के समर्थन से निर्दलीय चुनाव मैदान मे डटे रहने से कांग्रेस के महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अजय माकन जो हरियाणा राज्यसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी है की टेंशन बढा दी है । यहां भी कांग्रेस ने अपने 31 विधायको की बाडेबंदी की लेकिन 4 विधायक बाडेबंदी से दूर है । बताया जाता है की यहां भी कांग्रेस के 5 से 6 विधायक पार्टी व पार्टी नेताओं से बेहद नाराज है ।

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 10 जून को वोटिंग है। कांग्रेस इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक चुकी है। इन दो सीटों के लिए देश के तीन राज्यों (हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़) में हलचल मची है। क्रॉस वोटिंग और खरीद-फरोख्त की आशंका के मद्देनजर कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट करने में जुटी है। जीत के जादुई आंकड़े को सुनिश्चित करने का कार्यभार राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को दिया गया है।

कांग्रेस ने पार्टी के कद्दावर नेता अजय माकन को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने अपने पूर्व परिवहन मंत्री और पांच बार के विधायक कृष्ण पंवार को मैदान में उतारा है। इसके अलावा कार्तिकेय शर्मा भी मैदान में है। कार्तिकेय भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पुराने दोस्त और पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे हैं। इनका अपना कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है लेकिन कार्तिकेय को भाजपा की सहयोगी जननायक जनता पार्टी (JJP) का समर्थन हासिल है। हुड्डा और माकन पार्टी के अलग-अलग खेमे से ताल्लुक रखते हैं।

ऐसे में आशंका है कि हुडा और माकन में खेमेबाजी से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। ओमप्रकाश चौटाला के नए दांव के बाद से इस आशंका पर अधिक चर्चा होने लगी है। दरअसल, चौटाला की जेजेपी के पास 10 विधायक हैं। इनेलो-हलोपा के एक-एक और सात निर्दलीय विधायक हैं। चौटला अपना कोई उम्मीदवार जिता नहीं सकते, इसलिए उन्होंने कार्तिकेय को समर्थन कर दिया है। कार्तिकेय ने एक कदम बढ़ते हुए निर्दलीय विधायकों से समर्थन हासिल होने का दावा कर दिया है। अगर ये दावे जमीन पर हकीकत साबित हो जाए तब भी 14 और वोटों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में कांग्रेस को डर सता रहा है कि कहीं कार्तिकेय उसके विधायक को अपने पाले में न कर लें। इस परिस्थिति में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की मंशा से भाजपा भी कार्तिकेय की मदद कर सकती है।

बाडेबंदी से दूर 4 विधायक ,पुलिस पहरा ,खुफिया जासूसी

इन्हीं आशंकाओं के बीच दिल्ली में दीपेंद्र के आवास पर कांग्रेस विधायकों को एकत्र किया गया था। रात से पहले कांग्रेस के 31 विधायकों में से 4 को छोड़कर सभी चार्टर्ड फ्लाइट से रायपुर पहुंचा दिए गए तो शाम विधायक किरण चौधरी बीमारी का हवाला देते हुए नहीं गईं। चिरंजीव राव जन्मदिन समारोह का हवाला देते हुए नहीं गए। सधौरा की पहली महिला विधायक रेणु बाला व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर नहीं गईं। आदमपुर विधायक कुलदीप बिश्नोई हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से खासे नाराज़ चल रहे हैं, इसलिए उनका पहुंचना भी अभी नहीं हो पाया है। साथ ही हुड्डा का अभी खुद पहुंचना भी बाकी है। पांच सितारा रिसॉर्ट में रखे गए विधायक खुफिया अधिकारियों समेत छत्तीसगढ़ पुलिस की निगरानी में हैं।

कांग्रेस मे अगर क्राॅस वोटिंग हुई तो..

हालांकि हुड्डा ने विश्वास जताया कि क्रॉस वोटिंग नहीं होगी। उन्होंने कहा, अगर कोई विधायक पार्टी में रहना चाहता है तो आलाकमान के निर्णय का पालन करना होगा। फिर भी नंबर गेम को देखने पर खेल अभी भी उलझा मालूम पड़ रहा है। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 40, कांग्रेस के 31, जजपा के 10, इनेलो और हरियाणा लोकहित पार्टी के एक-एक और सात निर्दलीय विधायक हैं। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 मतों की आवश्यकता होती है। भाजपा आसानी से जीत की गारंटी दे सकती है लेकिन कांग्रेस अपनी संख्या के बारे में अनिश्चित है क्योंकि बिश्नोई नाराज हैं और अन्य कई विधायक भी रायपुर नहीं पहुंचे हैं। वही अगर कांग्रेस से दो विधायक भी मतदान मे क्राॅस वोटिंग कर गय तो कांग्रेस का खेल बिगड सकता है ?

 राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही तय…

बिश्नोई को मनाने का प्रयास जारी है। बिश्नोई ने कहा, ”मैं पहले ही कह चुका हूं कि जब तक राहुल गांधी मुझसे नहीं मिलेंगे, मैं और मेरे समर्थक पार्टी के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भी मैं तय करूंगा कि मुझे कौन सा कदम उठाना है।”

Dr. CHETAN THATHERA
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम