कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर भारत  में राजस्थान फिर से 11वें स्थान पर

After China, Israel and South Africa, now signs of fourth wave of corona in India

Jaipur News । कोरोना मरीजों के कारण राजस्थान देश के सर्वाधिक संक्रमितों राज्यों की सूची में दोबारा 11वें स्थान पर आ गया है। पूर्व में इस सूची में राजस्थान 14वें स्थान पर खिसक गया था, लेकिन त्यौहारी सीजन, चुनाव, भर्ती परीक्षाओं, मौसम और शादी-समारोहों में बढ़ती भीड़ के कारण राजस्थान में कोरोना के कुल संक्रमितों की तादाद बढ़ती जा रही हैं।

राजस्थान अब 2 लाख 68 हजार 63 मरीजों के साथ इस सूची में 11वें स्थान पर है। जिस रफ्तार से प्रदेश में नए संक्रमित बढ़ रहे हैं, उससे एक-दो दिनों में राज्य इस सूची के टॉप टेन में शामिल हो सकता है। क्योंकि, टॉप टेन में दसवें स्थान पर शामिल तेलंगाना और राजस्थान के कुल संक्रमितों के बीच सिर्फ 1753 मरीजों का अंतर है। राज्य में दीपावली के बाद से रोजाना लगातार 3 हजार से ज्यादा मरीज मिले रहे हैं। हालांकि, बीते 2 दिनों से नए संक्रमितों की तादाद कुछ कम हुई हैं, लेकिन चिंताजनक यह है कि आधा दर्जन जिलों में नए संक्रमित बेतहाशा बढ़ रहे हैं।
देश के सर्वाधिक संक्रमितों की सूची में महाराष्ट्र सबसे अव्वल है। यहां अब तक 18 लाख 23 हजार 896 मरीज मिल चुके हैं। दूसरे स्थान पर 8 लाख 84 हजार 897 मरीजों के कर्नाटक, तीसरे स्थान पर 8 लाख 68 हजार 64 मरीजों के साथ आंध्रप्रदेश, चौथे स्थान पर 7 लाख 81 हजार 915 मरीजों के साथ तमिलनाडु, पांचवें स्थान पर 6 लाख 2 हजार 983 मरीजों के साथ केरल हैं। सूची में 5 लाख 70 हजार 374 मरीजों के साथ दिल्ली छठें, 5 लाख 43 हजार 888 मरीजों के साथ उत्तरप्रदेश सातवें, 4 लाख 83 हजार 484 मरीजों के साथ पश्चिम बंगाल आठवें तथा 3 लाख 18 हजार 725 मरीजों के साथ ओडिसा नौंवे स्थान पर है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर प्रदेश में नए संक्रमितों के लिहाज से सर्वाधिक संवेदनशील बनी हुई हैं। यहां प्रदेश के सर्वाधिक नए संक्रमित मिल रहे हैं। इसी कारण जयपुर अब देश के 10 सबसे संक्रमित जिलों में 8वें स्थान पर आ गया है। देश के जिन जिलों में सर्वाधिक मरीज मिल रहे हैं, उनमें दिल्ली, मुंबई, कोझीकोड, कोलकात्ता, पुणे, जयपुर, ठाणे, मालापुरम व बंगलुरु शामिल है।
कोरोना के लिहाज से प्रदेश में कुछ कारणों की वजह से मार्च से लेकर नवम्बर तक गुजरे 9 महीनों में नवम्बर सबसे अधिक घातक साबित हुआ है। तीन दिन हुई कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 1.50 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। धर्मशालाओं में एक हॉल में सैकड़ों अभ्यर्थी रुके। न मास्क के नियम की पालना हुई, न दो गज की दूरी का पालन हो सका। इसी महीने 5 दिवसीय दीपोत्सव था। दिवाली को लेकर बाजारों में भीड़ रही। सामाजिक दूरी टूटती रही। दिवाली पर भी लोग गाइडलाइन तोडक़र परिचितों से मिले। संक्रमण एक दूसरे में फैलता गया। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनावों को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने सभाएं की। कई दिग्गज नेता बिना मास्क नजर आए। मतदान के दिन भी कई स्थानों पर दो गज की दूरी के नियम का पालन नहीं हो सका। नवंबर में 5 दिन शादियों के मुहुर्त थे। इस दौरान हजारों शादियां हुई। शादियों में 100 लोगों से ज्यादा के शामिल होने की अनुमति नहीं थी। फिर भी कई जिलों में यह नियम टूटा। सर्दी के कारण वायरस ज्यादा मजबूत हो गया। इस वजह से काफी बुजुर्ग कोरोना की चपेट में आ गए। वायरस का स्टेन बदलने के कारण पॉजिटिव मरीजों को निगेटिव होने में भी 15 दिन तक लगे। नवंबर में जिन कारणों से कोरोना विस्फोट हुआ, उनमें से 3 का सामना दिसंबर में भी होगा। शादियां और चुनाव होंगे। सर्दी ज्यादा बढ़ेगी। ऐसे में जरूरी है कि हम सतर्क रहे।