हिमाचल प्रदेश में राजस्थान जैसे हालत, CM को लेकर घमासान, कांग्रेस जीती हुई बाजी हार सकती ?

Agnipath Protest: Congress is not getting the support of Agniveers in protest against Agneepath

नई दिल्ली/ हाल ही में 2 दिन पूर्व हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद कांग्रेस को मिले बहुमत के बाद से ही मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है और हिमाचल प्रदेश में भी राजस्थान के जैसी स्थिति हो गई है और इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं किया पंजाब के हालात दोराहे जा सकते हैं और कांग्रेस जीती हुई बाजी भी हार सकता है ।

हिमाचल प्रदेश की 68 सीटों की विधानसभा के लिए 2 दिन पूर्व हुई मतगणना में कांग्रेस को 40 सीटों पर विजय हासिल करने के साथ ही स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद कांग्रेस की कुर्सी को लेकर घमासान शुरू हो गया है और इस घमासान ने राजस्थान में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को मिले .

बहुमत के पश्चात के हालात को ताजा कर दिया है मुख्यमंत्री पद के लिए हिमाचल प्रदेश के 6 नेता दावा कर रहे हैं दावेदारों में प्रमुख रूप से प्रतिभा सिंह मुकेश अग्निहोत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रमुख रूप से दावेदार हैं और इन दोनों इस कुर्सी को लेकर गुटबाजी और खींचतान शुरू हो गई है और इसी बीच हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कल सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्य भवन पहुंच गए और राज्यपाल से मुलाकात कर कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा पेश किया इस दौरान इस मुलाकात मैं उनके साथ हिमाचल प्रदेश का कोई भी नेता साथ नहीं था ।

इधर दूसरी ओर आलाकमान के निर्देश पर यह इन तीनों नेताओं के राज्यपाल से राजभवन ने मिलने की जानकारी हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जो मुख्यमंत्री दौड़ में सबसे आगे हैं के मुताबिक उनको यह पता ही नहीं है कि तीनों नेता शुक्ला बघेल और हुड्डा राज्यपाल से कब मिले और क्या राज्यपाल को पत्र दिया वह इस मामले में पूरी तरह से अधिक है.

आखिर यह कैसे संभव हो सकता है कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद भी हैं को बिना बताए या बिना जानकारी के उक्त तीनों नेता राजभवन पहुंचकर सरकार बनाने का दावा पेश करते हैं आखिर ऐसी क्या बात है और इन तीनों नेताओं ने राज्यपाल को क्या पत्र दिया ऐसे कई सवाल हैं जो संजय के दायरे में है ।

इधर दूसरी ओर मुख्यमंत्री पद की कुर्सी के सबसे प्रमुख और प्रबल दावेदार हिमाचल प्रदेश के पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं और वह कल शाम को विधायक दल की बुलाई गई बैठक से पहले ही अपने समर्थित 18 विधायकों के साथ अज्ञातवास में चले गए और उनका तथा विधायकों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे थे।

राजनीतिक विशेषज्ञों सूत्रों के अनुसार अगर सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है तो वह कांग्रेस में बगावत कर पंजाब की स्थिति को दौरा सकते हैं या फिर भाजपा से हाथ मिला कर महाराष्ट्र की तर्ज पर सीएम की कुर्सी तक पहुंच कर अपनी सरकार बना सकते हैं।

इधर कांग्रेस के बाद सबसे बड़े दल के रूप में भाजपा भी 25 सीटें जीतने के बाद निर्दलीयों और बगावती कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर एक बार फिर से सत्ता बनाने के लिए जी तोड़ प्रयास में लगी हुई है।

CM को लेकर घमासान

उधर दूसरी ओर आज हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम आलाकमान के पर्यवेक्षकों द्वारा लगभग तय करने की खबर मिलने पर प्रतिभा सिंह अपने समर्थित लोगों के साथ होटल जा पहुंची और अपने खेमे से मुकेश अग्निहोत्री को मुख्यमंत्री बनाने पर अड़ गई है.

सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी हुई है और वह मुकेश अग्निहोत्री की वरिष्ठता को देखते हुए उनके नाम पर मोहर लगा सकती है। अगर ऐसा होता है तो हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस दो गुटों में बैठ जाएगी और सत्ता भी गंवा सकती है ?