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नबी के बाद अब शर्मा का इस्तीफा, नेहरू इंदिरा की कांग्रेस क्या सिमटने के .. 

नई दिल्ली/ बरसों पुरानी कांग्रेस पार्टी देशभर में अब तक के सबसे बड़े संकट से गुजर रही है पार्टी से लगातार वरिष्ठ नेता एक-एक करके जा रहे हैं हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाब नबी आजाद के बाद अब आनंद शर्मा ने भी आज स्टीयरिंग कमेटी इस्तीफा दे दिया ।

कांग्रेस पार्टी में आनंद शर्मा एक बड़ा नाम है और वह हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने पहली बार सन 1982 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और उसके बाद 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लोह महिला इंदिरा गांधी ने आनंद शर्मा को राज्यसभा का टिकट दिया था और शर्मा तब से ही राज्यसभा के सदस्य हैं और पार्टी में कई प्रमुख पदों पर रह चुके हैं ।

आनंद शर्मा को पार्टी में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव संचालन समिति( स्टीयरिंग कमेटी) का अध्यक्ष बनाया था लेकिन शर्मा ने आज इस पद से इस्तीफा दे एक दिया है शर्मा ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पद छोड़ने पर पद से इस्तीफा देने की बात कही है इस पत्र में उन्होंने इस पद से इस्तीफा देने की वजह उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचना बताया है पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा का आरोप है कि उन्हें पार्टी के किसी भी बैठक में न तो बुलाया जाता है और ना ही उनसे राय मशवरा दिया जा रहा है और उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है ऐसे में इस पद पर बने रहना उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाता है पूर्व मंत्री आनंद शर्मा ने ऐसे समय में इस्तीफा दिया है ।

जब हिमाचल प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेश हिमाचल प्रदेश में भाजपा से सत्ता हत्या कर काबिज होने की प्रयास कर रही है ऐसे में शर्मा का इस्तीफा कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा खतरा और भाजपा के लिए एक बार फिर से सत्ता में आने की राह आसान कर सकता है क्योंकि शर्मा हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता के रूप में माने जाते और पहचाने जाते हैं।

 

विदित है की इससे पहले 6 दिन पूर्व ही जम्मू कश्मीर के सबसे बड़े नेता और कांग्रेस कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने के चंद घंटे बाद ही इस्तीफा दे दिया था ।

गुलाम नबी का यह इस्तीफा भी कांग्रेश के लिए जम्मू कश्मीर में मुसीबत खड़ी कर सकता है जम्मू कश्मीर में भी धारा 370 हटने के बाद इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यह दोनों बड़े नेता G 23 ग्रुप के हैं । इसी ग्रुप में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की मांग करते हुए परिवारवाद अर्थात गांधी परिवार से हटकर पार्टी के अन्य नेता के हाथ में पार्टी नेतृत्व देने की मांग करने वाला ग्रुप है।

राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों का मानना है कि जिस कांग्रेस को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी व राजीव गांधी ने अपने खून पसीने से सिंचा था और बुलंदियों पर ले गए थे आज वही कांग्रेस सबसे बुरे दौर से गुजर रही है आखिर क्यों इस पर मंथन करते हुए पार्टी को विचार करना चाहिए ।

Dr. CHETAN THATHERA
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम