महाशिवरात्री पर भद्रा का अशुभ साया, अब कैसे करेंगे पूजा जानें 

Dr. CHETAN THATHERA
3 Min Read

भीलवाड़ा/ आदि शक्ति महाकाल भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व 2 दिन बाद अर्थात 18 फरवरी को मनाया जाएगा ।

इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा का अशुभ साया रहेगा भक्तगण और श्रद्धालु कब करें पूजा और भद्रा के अशुभ साए का क्या होगा असर आइए जानते हैं कारोही के ज्योतिष शास्त्र पंडित गोपाल उपाध्याय से ।

हिंदू पंचांग के अनुसार 18 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन रात 8:02 से लेकर अगले दिन 19 फरवरी को सुबह 6:56 तक भद्रा का साया रहेगा ऐसे में महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले निशा काल में कैसे भगवान शिव की पूजा करेंगे यह घड़ी चिंता का विषय है ।

लेकिन इस चिंता के विषय को लेकर ज्योतिष नगरी कारोई के वेद गायत्री अनुसंधान ज्योतिष केंद्र के डायरेक्टर ज्योतिष डॉ पंडित गोपाल उपाध्याय ने बताया कि भद्रा के साए का असर शुभ और मांगलिक कार्यों पर पड़ता है ।

और देवी देवताओं की पूजा पाठ से कभी प्रभावित नहीं होती है तथा दूसरा और देखा जाए तो भगवान शिव संविधान हरने वाले हैं और इनकी भक्ति करने वालों पर किसी भद्रकाली या नकारात्मक ऊर्जा का असर नहीं होता है इसके अलावा महाशिवरात्रि पर नगरी भद्रा का निवास स्थल पाताल लोक है।

तथा इस दिन भद्रा पाताल लोक में रहेगी इससे इसका प्रतिफल कोई संबंध नहीं होगा भद्रा जब पाताल लोक में होती है तो इसका धरती पर कोई असर नहीं होता है इसलिए महाशिवरात्रि पर आप निश्चित होकर किसी भी समय शिवजी की पूजा कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव की विधिवत पूजा करें और उन्हें बेलपत्र दूध गंगाजल शहद पुष्प श्रीफल अर्पित करें शिवजी को मीठी खीर का भोग लगाएं ओम नमः शिवाय मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें चार पहर की पूजा के बाद अगले दिन सुबह इस व्रत का पारण करें महाशिवरात्रि पर भूलकर भी शिवलिंग पर तुलसीदल अर्पित ना करें।

ऐसा करने से भगवान भोलेनाथ क्रोधित हो जाते हैं इसके अलावा शिवजी को हल्दी सिंदूजा कुमकुम अर्पित नहीं करना चाहिए शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना भी वर्जित है ।

शिव लिंग पर नारियल पानी पीना चढ़ाएं साथ ही इस दिन मुंह अशब्द ने निकाली झूठ बोलने से बचें और दूसरों की निंदा ना करें

महाशिवरात्री पारणा मुहूर्त:- 19 फर०,रविवार 6:56 am से 3:24 pm तक
पारण करके व्रत को पूरा करना महत्वपूर्ण माना जाता है। पारण से ही व्रत पूर्ण होता है।

पूजन समय

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय:- 18 फर०, 6:13 pm से 9:24 pm
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय:- 18/19 फर०, 9:24 pm से 12:35 am
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय:- 18/19 फर०, मध्यरात्रि 12:35 am से 3:46 am
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय:- 19 फर०, 3:46 am से 6:56 am

Share This Article
Follow:
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम